Betul News:कलम पर खाकी का कहर! कोतवाली में सवाल पूछना बना गुनाह!

पत्रकार से अभद्रता का आरोप, संगठन ने मांगी निष्पक्ष जांच पुलिस महानिदेशक के नाम एडिशनल एसपी को सौंपा ज्ञापन

 कलम पर खाकी का कहर! कोतवाली में सवाल पूछना बना गुनाह!

पत्रकार से अभद्रता का आरोप, संगठन ने मांगी निष्पक्ष जांच पुलिस महानिदेशक के नाम एडिशनल एसपी को सौंपा ज्ञापन

बैतूल।पत्रकारों की सुरक्षा के तमाम सरकारी दावे एक बार फिर फुस्स पटाखा साबित हुए — जब कोतवाली थाने में खबर पूछने पहुँचे एक पत्रकार के साथ पुलिसकर्मियों ने अभद्रता की हदें पार कर दीं। सवाल उठाना अपराध बन गया और कलम की ताकत को खाकी के गुरूर ने रौंद दिया। बैतूल प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट संगठन ने पुलिस द्वारा पत्रकारों के सम्मान और अधिकारों पर हो रहे हमलों के विरोध में पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश पुलिस, भोपाल के नाम एडिशनल एसपी को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने कोतवाली थाना प्रभारी, कोठी बाजार, सत्यप्रकाश सक्सेना पर पत्रकार के साथ अभद्रता और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया गया है।ज्ञापन के अनुसार, 18 अक्टूबर की सुबह लगभग 10 बजे वरिष्ठ पत्रकार जंकी शाह पुलिस प्रेस नोट में दर्ज फटाखे के मामले में की गई कार्यवाही की विस्तृत जानकारी लेने कोतवाली पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने जब थाना प्रभारी सत्यप्रकाश सक्सेना से 20 हजार रुपये की जप्ती के विषय में जानकारी मांगी, तो थाना प्रभारी गुस्से में आ गए और पत्रकार को धारा 151 के तहत कार्रवाई की धमकी देते हुए लगभग तीन घंटे तक थाने में बैठाए रखा। इस दौरान उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया, गालियां दी गईं और हाथ उठाने की कोशिश भी की गई।जंकी शाह ने बताया कि उनके गले की सोने की चैन, अंगूठी और वाहन में रखे 15 हजार रुपये जब्त कर लिए गए थे, जिन्हें बाद में लौटा दिया गया। पूरे घटनाक्रम का वीडियो थाने के सीसीटीवी कैमरों में दर्ज है। बताया गया कि थाना प्रभारी सत्यप्रकाश सक्सेना, पत्रकार द्वारा आरटीआई के माध्यम से थाना क्षेत्र में पदस्थ पुलिसकर्मियों और उनके कर्तव्यों की जानकारी मांगे जाने से नाराज थे, जिसके चलते उन्होंने यह अपमानजनक व्यवहार किया।

संगठन ने ज्ञापन में कहा कि यह घटना पत्रकारों के संवैधानिक अधिकारों और स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। संगठन ने मांग की है कि कोतवाली के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर सत्यप्रकाश सक्सेना के खिलाफ निष्पक्ष और कानूनी कार्रवाई की जाए, पत्रकारों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा हेतु सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, कोतवाली थाना क्षेत्र में पदस्थ पुलिसकर्मियों की जानकारी सार्वजनिक की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए थाना प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। एवं उनको सस्पेंड किया जाए।संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 25 अक्टूबर तक इस मामले में न्यायसंगत और त्वरित कार्रवाई नहीं की गई, तो पत्रकार संगठन भोपाल पुलिस मुख्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना आंदोलन करेगा। संगठन ने कहा कि यह आंदोलन पत्रकारों के पेशेवर सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए किया जाएगा।

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