Betul News:जिले में छह आयुर्वेदिक दवाएं अमानक घोषित।
जिला आयुष अधिकारी ने खरीदी बिक्री पर तत्काल लगाई रोक
जिले में छह आयुर्वेदिक दवाएं अमानक घोषित
जिला आयुष अधिकारी ने खरीदी बिक्री पर तत्काल लगाई रोक

बैतूल। जिले में आयुर्वेदिक दवाओं की गुणवत्ता जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जिला आयुष अधिकारी डॉ. योगेश चौकीकर ने बताया कि आयुर्वेदिक औषधि कफ कुठार रस, लक्ष्मी विलास रस (नारदीय), प्रवाल पिष्टी, मुक्ताशुक्ति, गिलोय सत्व और कामदुधा रस की जांच राज्य स्तरीय शासकीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला ग्वालियर में की गई, जिसमें सभी दवाएं एनएसक्यू यानी मानक विहीन पाई गईं। इसके बाद इन दवाओं की खरीद तथा बिक्री पर जिले में तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
जिला आयुष अधिकारी द्वारा जारी आदेश में बताया कि डाबर इंडिया लिमिटेड साइट आईवी साहिबाबाद (उप्र.) की कफ कुटार रस लक्ष्मी विलास रस नारदीय परीक्षण में फेल पाई गई हैं।इसी तरह श्री धन्वंतरी हर्बल्ला विपेज किशनपुरा पीओ गुरुमाजरा तहसील बदी जिला सोलन एचपी में निर्मित आयुर्वेदिक औषधि मुक्ता शूक्ति भी एनएसक्यू पाई गई हैं। इसी तरह शर्मायू जेन्यून आयुर्वेद श्री शर्मा आयुर्वेद मंदिर दतिया में निर्मित गिलोय सत्व एवं कामदूधा भी मानक पर खरी नहीं उतरीं।ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 और नियम 1945 की धारा 33ईई के तहत इन दवाओं को अमानक घोषित किया गया है और जिला आयुष अधिकारी ने सभी औषधि विक्रेताओं को आदेश जारी करते हुए कहा है कि उपरोक्त कंपनियों के बैच नंबरों की दवाएं न खरीदें और न बेचें। यदि स्टॉक में हों तो तत्काल रोककर कार्यालय को सूचित करें।
