Betul News:महंगाई की मार: बैतूल में क्रशर उत्पादों के दाम बढ़े, 1 अप्रैल से लागू होंगी नई दरें
महंगाई की मार बैतूल में क्रशर उत्पादों के दाम बढ़े, 1 अप्रैल से लागू होंगी नई दरें

बैतूल।जिले में बढ़ती महंगाई और लगातार बढ़ती संचालन लागत ने अब क्रशर उद्योग को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। इसी परिप्रेक्ष्य में 22 मार्च 2026 को जिले के क्रशर मालिकों की एक महत्वपूर्ण सर्वसम्मति बैठक आयोजित की गई, जिसमें उद्योग से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर गहन चर्चा के बाद उत्पादों के दाम बढ़ाने का अहम निर्णय लिया गया।बैठक के दौरान क्रशर संचालकों ने कहा कि बीते कुछ समय से डीज़ल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसका सीधा असर परिवहन और उत्पादन लागत पर पड़ रहा है। इसके अलावा श्रमिकों की मजदूरी में बढ़ोतरी, मशीनों के रखरखाव (मेंटेनेंस) पर बढ़ता खर्च, स्पेयर पार्ट्स की महंगाई और अन्य आवश्यक संसाधनों की लागत भी तेजी से बढ़ी है। साथ ही पर्यावरणीय नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के अनुपालन में आने वाली जटिलताओं ने भी उद्योग के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए बैठक में मौजूद सभी क्रशर मालिकों ने एकजुटता का परिचय देते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि वर्तमान परिस्थितियों में उद्योग को बनाए रखने और गुणवत्ता से समझौता न करने के लिए उत्पादों की दरों में संशोधन अनिवार्य है।
निर्णय के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से बैतूल जिले में क्रशर उत्पादों की नई दरें लागू की जाएंगी।
नई दरें (FOR Betul)
🔹 400 CFT:
- 20 mm – ₹11,000
- 40 mm – ₹11,000
- Dust – ₹11,000
🔹 600 CFT:
- 20 mm – ₹16,000
- 40 mm – ₹16,000
- Dust – ₹16,000
एक्स-प्लांट (Ex-Plant) दरें:
- 20 mm – ₹20 प्रति CFT
- 10 mm – ₹12 प्रति CFT
- 40 mm – ₹20 प्रति CFT
- Dust – ₹20 प्रति CFT
- 6 mm – ₹12 प्रति CFT
- GSB – ₹15 प्रति CFT
- 65 mm – ₹16 प्रति CFT
क्रशर संचालकों ने स्पष्ट किया कि यह मूल्य वृद्धि किसी लाभ कमाने की मंशा से नहीं, बल्कि उद्योग को सुचारू रूप से चलाने, उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने और भविष्य में आने वाली आर्थिक व तकनीकी चुनौतियों का सामना करने के उद्देश्य से की गई है।बैठक में “एकता में अनेकता” के सिद्धांत को मजबूती देते हुए सभी सदस्यों ने यह भी संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी आपसी समन्वय और सहयोग के साथ उद्योग हित में कार्य करेंगे। क्रेशर मालिकों ने उपभोक्ताओं, ठेकेदारों और व्यापारिक सहयोगियों से अपील की है कि वे इस निर्णय को वर्तमान परिस्थितियों के संदर्भ में समझें और सहयोग प्रदान करें, ताकि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निरंतरता बनी रह सके।
