शहर को घने कोहरे ने घेरा, घरों में कैद हुए लोग

शहर को घने कोहरे ने घेरा, घरों में कैद हुए लोग

बैतूल।मौसम खुलते ही ठंड के तेवर बेहद तीखे हो गए हैं। शुक्रवार को सुबह जब लोग नींद से जागे तो उन्हें चारों ओर घना कोहरा नजर आ रहा था। हालत यह थी कि पांच फीट की दूरी पर भी कुछ नजर नहीं आ पा रहा था।कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार भी बेहद धीमी हो गई थी। कोहरे के साथ ही ठंड भी तेज हो रही है। लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सुबह नौ बजे तक कोहरा छाया हुआ था। आसमान पर काले बादलों का जमावड़ा होने की वजह से सूरज की किरणें भी नौ बजे तक नही पहुंच पाई थी।सुबह घूमने जाने वाले राखी नागले ने बताया कि घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चलने लगी है। ठिठुरन बढ़ने से लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं। घरों में हीटर और ब्लोअर चलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। वहीं बाजारों में व्यापारी अलाव जलाकर किसी तरह ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली।आसमान में बादल छा गए। धीरे-धीरे पूरे शहर को कोहरे की चादर ने ढक लिया। कामकाजी लोग और स्कूली बच्चे पूरी तरह से गर्म कपड़े, दस्ताने और टोपी से पैक होकर निकले। कोहरे के कारण जीरो विजिबिलिटी के चलते वाहन चालकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। फॉग लाइट खोलने के बाद भी वाहन चालकों को धुंध के कारण सड़क नजर नहीं आ रही थी।

ठंड में बुजुर्गों और बच्चों का रखें विशेष ध्यान:

सर्दियों में बच्चों और बुजुर्गों को ठंड के कारण बीमार होने का सबसे अधिक खतरा रहता है। चिकित्सकों के अनुसार बच्चों को पर्याप्त संख्या में गर्म कपड़े पहनाएं। वहीं बुजुर्गों को भी ठंड से बचने के लिए मोटे और गर्म कपड़े पहने। उन्होंने बताया कि बच्चों और बुजुर्गों को ठंड में बाहर न जाने दें। डाक्टरों की सलाह है कि अधिक देर तक ही हीटर और ब्लोअर के सामने न बैठे। इससे त्वचा सूख जाती है, जिससे त्वचा के संक्रमित होने की आशंका बनी रहती।

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