Betul News :आदेशों की बारात, सड़कों पर जाम का साथ आम जनता हो रही परेशान 

इस लिए बोला जाता बैतूल में एक्शन सिर्फ प्रेस नोट तक सीमित

आदेशों की बारात, सड़कों पर जाम का साथ आम जनता हो रही परेशान 

इस लिए बोला जाता बैतूल में एक्शन सिर्फ प्रेस नोट तक सीमित


बैतूल।जिले में प्रशासनिक सख्ती इन दिनों कुछ ऐसी नजर आ रही है, जैसे सब कुछ नियंत्रण में हो कम से कम कागजों और प्रेस नोट में। हाल ही में बड़े तामझाम के साथ आदेश जारी किए गए कि सड़कों पर डीजे नहीं चलेंगे, बारातें मुख्य मार्गों से नहीं गुजरेंगी, जाम की स्थिति बनी तो सख्त कार्रवाई होगी। सुनने में लगा कि अब शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी।
लेकिन जमीनी हकीकत ने इन दावों की ऐसी  विदाई निकाली कि जैसे बारात में बिना बुलाए मेहमान। शहर की सड़कों पर वही पुराना नजारा डीजे की धुन, बीच सड़क नाचती बारातें, और उनके साथ घंटों तक खड़े वाहन। जाम में फंसे लोग प्रशासन के आदेशों को याद करते रहे, और आदेश शायद फाइलों में आराम करते रहे।
कागजों में कंट्रोल, सड़कों पर ‘कंट्रोल आउट’
अगर सिर्फ प्रेस नोट पढ़े जाएं, तो लगेगा कि बैतूल में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त है। लेकिन जैसे ही कोई सड़क पर निकलता है, उसे समझ आ जाता है कि ‘सख्ती’ का असर सिर्फ शब्दों तक सीमित है। आदेशों में कार्रवाई की बात जरूर होती है, लेकिन जमीनी स्तर पर न तो कोई रोक-टोक दिखती है और न ही कोई जिम्मेदारी तय होती नजर आती है। नतीजा हर बारात अपने हिसाब से सड़क पर उतरती है और आम लोग उसकी कीमत चुकाते हैं। ऐसा ही नजारा आज मेन मार्केट कोठी बाजार में देखने को मिला जहां आप जनता रेंगते हुए चल रही थी वजह बारात जो पूरा रोड जाम करे के चल रही थी इतना ही नहीं डीजे के तेज़ आवाज से परेशान आखिर करे तो क्या करे आखिर आदेश Ac रूम में बैठकर निकलते हैं और जमीनी हकीकत तक नहीं पहुंच पाते हैं!फिलहाल हालात यही हैं कि बैतूल में आदेश निकलते रहेंगे, प्रेस नोट छपते रहेंगे, और सड़कों पर जाम भी उसी रफ्तार से लगता रहेगा।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.