Betul News आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पर 70 वर्षीय बुजुर्ग की 4 एकड़ जमीन हड़पने का आरोप, कलेक्टर-एसपी से शिकायत

पैसे का लालच, जमीन की रजिस्ट्री और धमकियां शाहपुर में बुजुर्ग ने खोली कथित धोखाधड़ी की परतें

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पर 70 वर्षीय बुजुर्ग की 4 एकड़ जमीन हड़पने का आरोप, कलेक्टर-एसपी से शिकायत

पैसे का लालच, जमीन की रजिस्ट्री और धमकियां शाहपुर में बुजुर्ग ने खोली कथित धोखाधड़ी की परतें


बैतूल। शाहपुर थाना क्षेत्र से एक 70 वर्षीय बेसहारा बुजुर्ग की जमीन से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने धोखाधड़ी और षड्यंत्र के जरिए उसकी 4 एकड़ 17 डिसमिल कृषि भूमि अपने नाम दर्ज करा ली। इतना ही नहीं, शिकायत करने पर उसे जान से मारने और झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां भी दी जा रही हैं। पुलिस से राहत नहीं मिलने पर पीड़ित ने मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई।
शाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम टेमरामल निवासी 70 वर्षीय सुन्दर वरकडे ने कलेक्टर को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि ग्राम ढप्पा की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें घर पर पैसे देने का लालच देकर विश्वास में लिया और बिना किसी भुगतान के उनकी 4 एकड़ 17 डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली। पीड़ित का आरोप है कि इस कथित षड्यंत्र में रामवती का पति अनिल, पुत्री और पुत्र विशाल भी शामिल रहे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रजिस्ट्री के दौरान गवाह के रूप में रामवती के अपने ही बच्चों के नाम दर्ज कराए गए। सुन्दर वरकडे ने शिकायत में कहा है कि दोषियों ने उनके मूल दस्तावेज और बैंक पासबुक भी अपने कब्जे में ले लिए हैं। इतना ही नहीं, उनके बैंक खाते में अपना मोबाइल नंबर लिंक करवा दिया गया, जिससे उनकी वित्तीय गतिविधियों पर भी नियंत्रण स्थापित कर लिया गया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी सहमति के बिना ही शाहपुर तहसीलदार कार्यालय से जमीन का नामांतरण भी कर दिया गया।
पीड़ित के अनुसार, जब उन्होंने अपनी आपबीती पूर्व विधायक मंगल सिंह धुर्वे को सुनाई, तब भी आरोपी पक्ष ने पैसे देने का झूठा आश्वासन दिया। अनावेदक और उसके परिवार द्वारा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।
सुन्दर वरकडे का कहना है कि उन्होंने शाहपुर थाना, 181 सीएम हेल्पलाइन सहित विभिन्न स्तरों पर शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लगातार न्याय नहीं मिलने पर उन्होंने 14 जुलाई की जनसुनवाई में कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, कथित धोखाधड़ी से हुई रजिस्ट्री और नामांतरण की जांच कराने, जमीन वापस दिलाने तथा अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

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