Betul News:बैतूल भी शर्मा गया हक़ की आवाज़ उठाई तो अपराधी बना दिया!

भाजपा राज में विपक्षी नेताओं पर हो रहे मामले दर्ज!

बैतूल भी शर्मा गया हक़ की आवाज़ उठाई तो अपराधी बना दिया!

भाजपा राज में विपक्षी नेताओं पर हो रहे मामले दर्ज!

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बैतूल।पुराने दौर में भी आंदोलन होते थे सत्ता या व्यवस्था में सुधार या बदलाव के लिए होते थे, चाहे वह राजनीतिक हो, सामाजिक, धार्मिक, या सांस्कृतिक. इन आंदोलनों का उद्देश्य सामाजिक बुराइयों को दूर करना, लोगों में एकता और देशभक्ति फैलाना, या किसानों को शोषण से मुक्त कराना होता था उस दौर में खुल कर सरकार आलोचना सुनती थी और जिस चीज के लिए आंदोलन होता था उस पर सुधार भी होता थी।लेकिन अब लोकतांत्रिक हक़ की आवाज़ उठाना भी अपराध करार दिया जा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि आंदोलन करना, धरना देना या जनहित में बोलना सीधे अपराध की श्रेणी में डाल दिया जाता है। बैतूल में हुई कांग्रेसियों पर कारवाई से यह तस्वीर साफ कर दी है कि जो जनता के हक की मांग करेगा, उसे भाजपा राज में अपराधी की तरह पुलिस कार्रवाई करेगी। क्यों कि भाजपा सरकार में आप को विरोध करना या सच बोलना अपराध माना जाता है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा के नेतृत्व में 18 अगस्त की शाम कांग्रेस कार्यकर्ता बैतूल कोतवाली थाने पहुंचे और करीब तीन घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया।इस दौरान शासकीय कार्य बाधित होने का हवाला देते हुए पुलिस ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक निलय डागा, ब्लॉक अध्यक्ष मोनू बड़ोनिया, जिला उपाध्यक्ष बब्बा राठौर सहित अन्य कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज कर लिया। यह कार्रवाई थाना प्रभारी रविकांत डहेरिया की रिपोर्ट के आधार पर की गई है।

झंडा लगाने से शुरू हुआ विवाद

निलय डागा के जिला अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार नगर आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कारगिल चौक पर झंडे लगाए। इस पर भाजपा के पूर्व युवा मोर्चा अध्यक्ष सतीष बड़ोनिया ने आपत्ति जताई और झंडे हटा दिए। इसके चलते ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मोनू बड़ोनिया और पार्षद उमाशंकर दीवान के बीच विवाद हो गया। पुलिस ने सतीष बड़ोनिया की शिकायत पर दोनों नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया।इसी कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में थाने पहुंचे और मांग की कि झंडे निकालने वाले के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज हो हालांकि आंदोलन शाम 6:30 बजे से रात 9:30 बजे तक चला इस धरना-प्रदर्शन को पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा माना और कांग्रेस नेताओं पर प्रकरण दर्ज कर दिया।कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि भाजपा राज में आंदोलन की आवाज़ उठाना अपराध बना दिया गया है।जनता के मुद्दों पर बोलना, आंदोलन करना और न्याय की मांग करना अपराध नहीं हो सकता। यह लोकतंत्र का गला घोंटना है।

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