Betul News:नेताओं के नाम में ‘विकास’, लेकिन बैतूल अब भी बदहाल!
नेताओं के नाम में ‘विकास’, लेकिन बैतूल अब भी बदहाल!

बैतूल।किसी ने बाहुबली लिखा, किसी ने विकास पुरुष बताया लेकिन सवाल आज भी वहीं खड़ा है।इन तमाम उपाधियों के बीच बैतूल को आखिर मिला क्या? जिला चाहे शहर कहलाए या ग्रामीण, हकीकत से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता। बुनियादी सुविधाओं से जूझता बैतूल आज भी कई मामलों में पिछड़ेपन की तस्वीर पेश करता है। बड़े-बड़े नेताओं की मौजूदगी के बावजूद विकास की रफ्तार उतनी तेज नजर नहीं आती, जितनी उम्मीद की जाती रही है।
सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दे आज भी लोगों की प्राथमिक चिंता बने हुए हैं। गांवों में अधूरी सड़कें, शहर में जाम और अव्यवस्था, अस्पतालों में संसाधनों की कमी और युवाओं के लिए सीमित अवसर ये सब सवाल खड़े करते हैं उन दावों पर, जिनमें बैतूल को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने की बात कही जाती है।जिले के वर्तमान विधायक और प्रदेश स्तर बड़े नेताओं को बाहुबली,विकास पुरुष जैसे नामों से नवाजा जाता है। इतना ही नहीं केंद्रीय मंत्री विधायक सब तो बैतूल में मौजूद है लेकिन बैतूल को कुछ नहीं मिला मिला तो सिर्फ राजनेताओं के नाम लेकिन क्या ये नाम केवल राजनीतिक छवि तक सीमित हैं, या इनका असर जमीन पर भी दिखाई देता है?
