Betul News:मुलताई के डेहरगांव स्थित ब्लूबेरी कंपनी में लेबर कांट्रेक्टर की मनमानी, मजदूरों को रोजगार से वंचित करने के आरोप
मुलताई के डेहरगांव स्थित ब्लूबेरी कंपनी में लेबर कांट्रेक्टर की मनमानी, मजदूरों को रोजगार से वंचित करने के आरोप

मुलताई। मुलताई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले डेहरगांव स्थित प्रसिद्ध हार्टीफ्रूट ब्लूबेरी कंपनी एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही है। जहां एक ओर कंपनी प्रबंधन द्वारा स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, कंपनी में कार्यरत लेबर कांट्रेक्टर पर गंभीर आरोप लगे हैं कि वह मजदूरों को काम पर नहीं रख रहा है और कई श्रमिकों को कंपनी परिसर से बाहर कर दिया जा रहा है। इससे क्षेत्र के गरीब मजदूरों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।सूत्रों की मानें तो संबंधित लेबर कांट्रेक्टर के पास सीमित संख्या में मजदूरों का ही अनुबंध है, लेकिन वह नियमों का उल्लंघन करते हुए अधिक संख्या में मजदूरों से काम लेकर भारी मुनाफा कमा रहा है। वहीं कई मजदूरों को काम से वंचित रखा जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।मजदूरों से बातचीत के दौरान यह भी सामने आया कि उन्हें निर्धारित मजदूरी समय पर नहीं मिल रही है। इसके अलावा, मजदूरों का बीमा (इंश्योरेंस) भी नहीं कराया गया है, जो कि किसी भी बड़ी कंपनी में एक अनिवार्य नियम माना जाता है। ऐसे में मजदूरों की सुरक्षा और भविष्य दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि कई मजदूर रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलकर कंपनी पहुंचते हैं, इस उम्मीद में कि उन्हें काम मिलेगा और वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकेंगे। लेकिन लेबर कांट्रेक्टर की मनमानी के चलते उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है।चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि कंपनी के उच्च अधिकारी भी इस पूरे मामले में लेबर कांट्रेक्टर का अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन करते नजर आ रहे हैं, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है।यह मुद्दा पहले भी कई बार शासन-प्रशासन के संज्ञान में लाया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।मजदूर वर्ग ने वीडियो के माध्यम से भी अपनी पीड़ा और लेबर कांट्रेक्टर की मनमानी को उजागर किया है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इसी तरह गरीब मजदूरों का शोषण होता रहेगा, या फिर प्रशासन इस मामले में सख्त कदम उठाएगा? स्थानीय मजदूरों ने प्रशासन से मांग की है कि लेबर कांट्रेक्टर के लाइसेंस की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि मजदूरों को न्याय मिल सके।इस पूरे मामले में जब लेबर कांट्रेक्टर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनसे बातचीत नहीं हो सकी।
