Betul News:बैतूल जिले में षड्यंत्र का जाल: आखिर गलती किसकी?
जनता की हक के लिए बोलने वाले पर भी षड्यंत्र कर एफआईआर की गई
बैतूल जिले में षड्यंत्र का जाल: आखिर गलती किसकी?
जनता की हक के लिए बोलने वाले पर भी षड्यंत्र कर एफआईआर की गई

बैतूल जिले में जिस तरह साफ छवि ओर जनता के लिए उनके हक की लड़ाई लड़ने वाले लोगों पर षड्यंत्र कर एफआईआर करवाई जा रही है जिससे बैतूल में जनता की सेवा करने वाले लोगों का मनोबल गिर रहा है ऐसा या पहला मामला नहीं है इससे पूर्व में भी षड्यंत्र कर लोगों पर झूठी एफआईआर करवाई गई है। इसमें शहर का सबसे बड़ा जिला चिकित्सालय भी कोई अछूता नहीं है जहां लोगों की हक की लड़ाई के लिए जागरूक पत्रकार ने आवाज उठाई थी तो वही उस जागरूक पत्रकार पर षड्यंत्र के तहत एफआईआर दर्ज कर दी गई वही ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां पर लोगों की मदद के लिए हरदम तैयार रहने वाला युवा व्यवसाय जिसने अपनी छोटी सी उम्र में लोगों के लिए हर वह जरूरतमंद लोगों के लिए खड़ा रहा उसी के साथ में रहने वाले उसके दोस्त द्वारा अपहरण की झूठी कहानी रच कर झूठी एफआईआर करवा दी गई! तो वही एक बीती घटना के दिन का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें हिमांशु दुबे और अक्षय तातेड आपस में बात कर रहे हैं पैसे को लेकर उस वीडियो में साफ दिख रहा है कि जिस तरह से दोनों बात कर रहे हैं उसमें कही से कही किडनैपिंग जैसी घटना लग नहीं रही है तो वही वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों के मन में सवाल खड़ा कर दिया है कि कौन सही है और कौन गलत। यह मामला एक युवा व्यवसायी अक्षय और उसके दोस्त हिमांशु दुबे के बीच पैसे और संपत्ति के विवाद से जुड़ा है। घटनाक्रम में आरोपी और फरियादी की भूमिकाएं उलट जाने का दावा किया जा रहा है।आखिर गलती किसकी – बैतूल जिले में षड्यंत्र की शाख इतनी मजबूत होते जा रही है कि जिसे बनना था फरियादी वह बना अपराधी और जिसे बनना था आरोपी वह षड्यंत्र की शाख पर जाकर बैठा- घटना बीते दिनों की है जब युवा व्यवसायी अक्षय ने हिमांशु दुबे नामक युवक से अपने पैसे और अपनी गाड़ी वापस करने की बात कही तो वह अक्षय पर किडनैप किये जाने का आरोप लगाने लगा और थाना कोतवाली पहुंच कर करवा दी एफआईआर, कोतवाली में अपराध क्रमांक 1089/24 दिनांक 2/11/2024 को दर्ज अपराध में अक्षय ने व्हाट्सएप के माध्यम से घटना दिनांक और झूठे आरोप के खिलाफ एक वीडियो साझा कर बताया कि शांति पूर्वक दोस्ती में दिए गए पैसे वापस मांग रहा था और अपनी एवेंजर गाड़ी भी वापस मांग रहा था
तो हिमांशु ने अपने शौक पूरे करने गिरवी रख दी अक्षय की गाड़ी और अक्षय की पत्नी से भी ले डाले आखरी 5 हजार रुपये- खैर दोस्ती में पेसो का लेनदेन चलता है पर अपने घर की संपत्ति गिरवी रखने पर बिफरे अक्षय ने क्या गलत कहा? क्या बात करना भी अपराध करना हो जाता है क्या? किसके दबाव में युवा व्यवसायी अक्षय के खिलाफ दर्ज हुआ झूठा प्रकरण दर्ज? अब पुलिस अधीक्षक महोदय वीडियो के संज्ञान में आने के बाद अब झूठी शिकायत दर्ज करवाने वाले हिमांशु दुबे और साथियों पर कौनसी कार्यवाही करेंगे और अक्षय को कानूनी क्या रियायत देंगे?
