Betul news:अपहरण मामले में फरियादी की खुलने लगी पोल तो सट्टे बाजी का लगाया आरोप! 

अपहरण मामले में फरियादी की खुलने लगी पोल तो सट्टे बाजी का लगाया आरोप! 

 सट्टेबाजी के आरोपों पर अक्षय ने किया पलटवार

बैतूल। बैतूल में विगत एक माह से चल रहै है अपहरण मामले में फरियादी का एक वीडियो सामने आने के बाद फरियादी को डर सताने लगा कि कहीं मेरी अपहरण की झूठी कहानी का सच लोगों के सामने ना आ जाए जिसके चलते अपहरण करने वाले के खिलाफ एक और नया आरोप लगा दिया की बैतूल में आईपीएल का सबसे बड़ा कारोबार समाज सेवी करता है लेकिन शायद वह फरियादी भूल गया कि आईपीएल सट्टे के चार-चार कैसे स्वयं पर दर्ज है। वैसे अब पुलिस को इस मामले में संज्ञान लेकर दोनों ही पक्ष के लोगों को रीमांड पर ले और पूछताछ करे तो लोगों के सामने अपहरण करने की सच्चाई सामने आ जाएगी कि वास्तव में अपहरण हुआ था कि फरियादी खुद गाड़ी में बैठकर गया था क्योंकि जो वीडियो फरियादी ने पुलिस को दिया उसमें तो फरियादी खुद घर से सामने से बैठकर कर में जा रहा है हालांकि उस वीडियो में जिस तरह से दिखाई दे रहा है और फरियादी ने जिस तरह से परोसा है इसकी पुष्टि अनोखा सच नहीं करता हालांकि अनोखा सच किसी भी अपराध का सपोर्ट नहीं करता लेकिन बैतूल में फिलहाल कुछ दिनों से येसा चलन रहा है कि किसी को भी कोई भी झूठे मामले में फंसा दो या फिर भ्रमित खबरें प्रकाशित कर कार्रवाई की मांग करते हैं अगर पुलिस य सब पर कड़ी से पूछताछ एवं जांच करें तो भ्रमित खबरें चलने वाले एवं झूठे केस लोगों पर लगाने वालों पर कार्रवाई कर लोगों के मन में जो पुलिस के लिए कुछ दिनों से गलत अवधारणा बनी है उसको सुधर जा सके और लोग पुलिस वास्तविकता में मदद की गुहार लगा सके अन्यथा फर्जी केस और फर्जी खबरों के माध्यम से अगर पुलिस किसी पर कैश बनाती है तो यह एक निर्दोष लोगों के लिए भयभीत का माहौल साबित हो रहा है जिससे निर्दोष लोग पुलिस के ऊपर से विश्वास उठ रहा है और अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है वैसे बैतूल के कप्तान से अनोखे सच के माध्यम से लोगों की तरफ से अपील करता है कि ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई हो जो पुलिस को गुमराह कर लोगों के खिलाफ षड्यंत्र राज कर मामला दर्ज करवा रहे हैं। विगत एक माह से चल रहे अपहरण के विवाद ने तूल पकड़ लिया है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, जिससे मामला और जटिल होता जा रहा है। सोमवार को हिमांशु दुबे ने एसपी को आवेदन सौंप कर सट्टेबाजी का खुलासा किया है। इसके बाद अक्षय तातेड़ ने हिमांशु दुबे पर पलटवार करते हुए कहा कि वह खुद सट्टेबाजी के चार मामलों में फंसे हुए हैं।अक्षय तातेड़ ने अपहरण के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जिस वाहन में अपहरण किए जाने का दावा किया जा रहा है, वह तीन महीने पहले ही एट्रोसिटी के एक मामले में हिमांशु दुबे के पास से जब्त किया गया था। इस मामले में हिमांशु खुद आरोपी था। वाहन थाने में खड़ा रहा और डेढ़ महीने बाद पुलिस ने उसे हिमांशु को सुपुर्द किया था। वर्तमान में भी यह वाहन थाने में ही खड़ा है, ऐसे में अपहरण का दावा पूरी तरह से बेबुनियाद है।उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को चाहिए कि वह निष्पक्षता से जांच करे और अगर कोई दोषी है तो उसे सख्त सजा दी जाए। तातेड़ ने अंत में कहा कि वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं और सच्चाई जल्द ही सबके सामने आएगी।अक्षय तातेड़ ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या महज 28 हजार रुपये के लिए कोई अपहरण करेगा? तातेड़ ने यह भी कहा कि समाजसेवा में लाखों रुपये खर्च होते हैं और ऐसी स्थिति में 28 हजार रुपये के लिए अपहरण करना असंभव है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमांशु दुबे ने 28 हजार रुपये की उधारी के लिए अपनी गाड़ी गिरवी रखी थी और दीपावली के दिन गाड़ी लौटाने की बात पर झूठे आरोप लगाए।  

पुराने संबंधों का हवाला

अक्षय तातेड़ ने खुलासा किया कि हिमांशु दुबे से उनके पारिवारिक संबंध थे। उन्होंने हिमांशु की बहन की शादी और मां के इलाज में मदद की थी। लेकिन अब 25 लाख रुपये की उधारी चुकाने से बचने के लिए हिमांशु झूठे आरोप लगा रहा है। तातेड़ ने यह भी कहा कि हिमांशु की ओर से लगाए गए आरोपों का कोई आधार नहीं है और वह खुद सट्टेबाजी में लिप्त है।

पुलिस से रिमांड पर लेने की मांग

अक्षय तातेड़ ने कहा कि यह मामला एक महीने से उलझा हुआ है और उन्होंने पुलिस से आग्रह किया है कि सच्चाई सामने लाने के लिए दोनों पक्षों को रिमांड पर लिया जाए। तातेड़ ने साफ तौर पर कहा कि अगर वह दोषी हैं तो कानून उन्हें सजा दे, लेकिन अगर हिमांशु झूठ बोल रहे हैं तो उन्हें भी इसका अंजाम भुगतना होगा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर इस विवाद की सच्चाई उजागर करे।

अधिवक्ता का कथन

विधि, न्याय एवं मानवाधिकार का प्रश्न उठाते हुए जिला न्यायालय बैतूल के भारत सेन अधिवक्ता कहते हैं कि कानून में पुलिस अपराध अनुसंधान का व्यापक अर्थ हैं। पुलिस को विवेचना के दौरान अपराध से संबंधित संपूर्ण साक्ष्य को एकत्रित करना चाहिए। इसके अंतर्गत आरोपी को निर्दोष साबित करने वाले साक्ष्य यदि कोई हैं तो संग्रहित करना चाहिए तथा मिथ्या अभियोजित करने से बचना चाहिए। पुलिस को मिथ्या सूचना देकर उसकी विधिपूर्ण शक्ति का दुरूपयोग करना अपराध हैं। किसी निर्दोष व्यक्ति को न्यायालय की कार्यवाही का सामना करने के लिए बाध्य करना, न्यायिक प्रक्रिया का दुरूपयोग हैं, मानवाधिकारों का हनन हैं। संपूर्ण अनुसंधान के पूर्व क्या पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी की चेष्टा करनी चाहिए ? आधा सच, अर्थसत्य, झूठ से ज्यादा खतरनाक होता हैं।

फरियादी हिमांशु एसपी ऑफिस पहुंच कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, एसपी को दिया आवेदन

बैतूल। लगभग एक माह बीतने के बाद भी अपहरण के मामले में पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। अपहरण और मारपीट के इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पीड़ित पक्ष ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर त्वरित कार्रवाई की मांग की। पीड़ित हिमांशु दुबे ने एसपी को दिए शिकायत आवेदन में बताया कि 2 नवंबर 2024 को अक्षय तातेड़ और उसके साथियों ने उनका अपहरण किया, मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर जबरन एक वीडियो बनवाया।  हिमांशु दुबे ने बताया कि अपहरण के बाद से लगातार आरोपी उन्हें और उनके परिवार को मानसिक प्रताड़ना दे रहे हैं। उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। इतना ही नहीं, उनकी रॉयल एनफील्ड बाइक छीनकर हेमेन्द्र वर्मा को दे दी, जो अब भी उन्हीं के पास है। हिमांशु ने आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज कराने के बाद आरोपियों ने 25 लाख रुपये का चेक बाउंस करवाकर उन पर दबाव बनाया। आरोपी द्वारा डरा धमकाकर जो विडियो बनाया गया था उसमें 5 हजार रूपये लेने देन की बात कर रहा है। एफ.आई.आर. करने के बाद 25 लाख रूपये का चेक बाउंस करवाकर दबाव बनाया जा रहा है। इसके अलावा, उनके आधार कार्ड का दुरुपयोग कर सिम ली गई, जिसका इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टेबाजी में किया जा रहा है। उन्होंने सट्टेबाजी में उपयोग किए जा रहे फोन नंबर भी खुलासा किया।  

पुलिस की कार्रवाई पर सवाल

पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी थी कि आरोपी अपने निवास गोठी कॉलोनी में परिवार से मिलने आ रहा है। पुलिस ने वाहन तो जब्त कर लिया, लेकिन आरोपी फरार हो गया। हिमांशु का कहना है कि आरोपी पर पहले से ही सट्टेबाजी के कई मामले दर्ज हैं, लेकिन वह अब भी खुलेआम घूम रहा है। हिमांशु दुबे ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें या उनके परिवार को कोई हानि होती है तो इसके जिम्मेदार अक्षय तातेड़ होंगे।

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