Betul News:कानून का डर गया कहाँ? सोशल मीडिया के हलकट शेरों’ पर कार्रवाई कब, साहब?
हथियारों की नुमाइश, धमकी भरे वीडियो और वायरल होने की होड़… आखिर कानून का इकबाल बचा है या सिर्फ़ उसकी किताबें?
कानून का डर गया कहाँ? सोशल मीडिया के हलकट शेरों’ पर कार्रवाई कब, साहब?
हथियारों की नुमाइश, धमकी भरे वीडियो और वायरल होने की होड़… आखिर कानून का इकबाल बचा है या सिर्फ़ उसकी किताबें?

बैतूल शहर में इन दिनों सोशल मीडिया कुछ लोगों के लिए कानून से भी बड़ा मंच बनता नजर आ रहा है। कोई हथियारों का प्रदर्शन कर रहा है, कोई खुलेआम धमकी भरे वीडियो पोस्ट कर रहा है, तो कोई लाइक और फॉलोअर्स की भूख में शहर का माहौल बिगाड़ने वाली सामग्री परोस रहा है।हैरानी की बात यह है कि ऐसे वीडियो सार्वजनिक रूप से वायरल होने के बावजूद कार्रवाई अक्सर दिखाई नहीं देती। ऐसे में आम नागरिकों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या पुलिस स्वतः संज्ञान ले रही है, या फिर किसी बड़ी वारदात का इंतजार किया जा रहा है?सोशल मीडिया पर कानून को चुनौती देने वाले वीडियो यदि बिना रोक-टोक घूमते रहेंगे, तो संदेश यही जाएगा कि कानून का डर सिर्फ़ उन लोगों के लिए है जो नियमों का पालन करते हैं। जो खुलेआम चुनौती देते हैं, उनके लिए मानो कोई अलग व्यवस्था है। कोतवाली पुलिस की पहचान हमेशा सख्त कार्रवाई के लिए रही है। इसलिए शहरवासियों की अपेक्षा भी यही है कि कानून का भय सिर्फ़ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि सोशल मीडिया पर कानून की धज्जियां उड़ाने वालों तक भी समान रूप से पहुंचे।
सवाल सिर्फ़ इतना है
क्या पुलिस की कार्रवाई किसी वीडियो के वायरल होने से तय होगी, या किसी अप्रिय घटना के बाद?कानून का डर तभी कायम रहेगा, जब सोशल मीडिया के ‘हलकट शेरों’ को भी यह एहसास होगा कि लाइक और व्यूज़ से बड़ा इस देश का कानून है।
