Polise News:कौन थाना प्रभारी साहब जो आवेदकों की तो नहीं सुन रहे लेकिन जुवरियो को सुनते हैं चेंबर में बुला कर ?
कौन थाना प्रभारी साहब जो आवेदकों की तो नहीं सुन रहे लेकिन जुवरियो को सुनते हैं चेंबर में बुला कर ?

बैतूल। जिले के एक थाना प्रभारी साहब का अपना ही कानून साहब को कोई छूट भैया नेता जो अति प्रिय है साहब उसके कहने पर ही जुवारियो को खेलने की परमिशन देने की चर्चा चौक चौराहे पर हो रही है? अब सवाल यह होता है कि यह छूट भैया नेता आखिर साहब का अति प्रिय कैसे हो गया बात तो यहां तक है कि साहब किसी नेता से कह रहे थे मेरा मनचाहा स्टाफ मुझे दिला दो साहब ने तो दो-तीन नाम उस छुट भैया नेता को दे दिए हैं ताकि वह साहब के मन मुताबिक उस थाने में पदस्थ हो जाए और साहब फिर अपना कानून अलग ही चलाएं वैसे साहब के थाने के एक व्यक्ति ने बताया कि साहब का नेटवर्क कभी भी आउट ऑफ रेंज हो जाता है आखिर इस बात में कितनी सच्चाई है यह तो साहब ही जाने हालांकि इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता की विभाग के ही एक बंदे की बात पर ज्यादा भरोसा करते हैं। साहब तो यहां तक फेमस हो गय है कि उस बंदे के जरिए रेड लेबल से लेकर कौन सा ब्रांड किस को और कहां से और किस कैमरे की नजर से बचाते हुए पहुंचवाना है यह साहब बखूबी जानते हैं! फरियादी एक महिला आवेदक ने बताया कि एक युवक द्वारा लगातार उसके घर के नंबर पर वह उसकी बेटी के नंबर पर कॉल करता है और देर रात कॉल कर करके उस के पूरे परिवार की जिंदगी हराम कर दी है इसी मामले में यह आरोपी पहले भी जेल जा चुका है परंतु जेल से आने के बाद भी उसके द्वारा आवेदिका और उसकी बेटी को पूर्व की तरह ही परेशान करने का सिलसिला निरंतर जारी है जिसकी शिकायत उक्त साहब के थाने में की गई है प्रभारी महोदय द्वारा इस आरोपी को गिरफ्तार करना उचित नहीं समझ रहे हैं आरोपी शहर के सभी जगह आसानी से देखा जा सकता है अब यह समझ नहीं आता कि साहब उस पर फरियादी द्वारा की गई शिकायत पर मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार करने में क्यों पीछे हट रहे है जबकि फरियादी महिला बार-बार आवेदन निवेदन कर रही है उसके बाद भी आरोपी पर किसी प्रकार का मामला दर्ज नहीं किया जा रहा जिसके चलते आरोपी के हौसले और बुलंद हो गए हैं उक्त आरोपी पर कार्रवाई न होने से आने वाले समय में एक बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है इसके बाद भी फरियादी की सुनी नहीं जा रही है! समझदार को इशारा काफी है
