Betul News:बैतूल पुलिस अपने ही विभाग में पीड़ित महिला पुलिस कर्मी की एफआईआर दर्ज नहीं कर पा रही!

बैतूल पुलिस अपने ही विभाग में पीड़ित महिला पुलिस कर्मी की एफआईआर दर्ज नहीं कर पा रही!

बैतूल।पुलिस समाज में शांति और व्यवस्था की रखवाली करती है और साथ ही अपराध को रोकने और घटित अपराधों की जांच करती है । पुलिस कानून के रखवालों कि भूमिका निभाती है ताकि हर एक व्यक्ति और स्वयं पुलिस हर कदम पर कानून का पालन करें। लेकिन जब पुलिस परी अपराधी हावी हो जाए और उसे मामले में पुलिस संज्ञान ना लें इससे बड़ा दुख और क्या होगा फिर कैसे पुलिस से उम्मीद करें कि वह जनता की रखवाली करेगी शहर में जन चर्चा का एक विषय बना हुआ है जहां पर एक महिला आरक्षक के साथ दिनदहाड़े ऑन ड्यूटी चेंबर में घुसकर कुछ युवकों द्वारा गली-गलज और धक्का मुक्की की गई जब इस मामले की शिकायत संबंधित थाने में की गई और लिखित आवेदन भी दिया लेकिन उस घटना को लगभग एक हफ्ता हो जाने के बावजूद भी उन अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई नही की गई ना ही उन पर मामला दर्ज किया गया जब अपने ही विभाग की महिला पुलिसकर्मी को अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए चप्पल घिसनी पड़ रही है तो सोचिए आम नागरिकों के साथ क्या होता होगा। जब इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की तो मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भी है लेकिन न जाने क्यों उन अपराधियों पर मामला दर्ज नहीं किया गया यह तो पुलिस विभाग जाने और विभाग की बातें है लेकिन हमारी इस खबर का उद्देश्य सिर्फ जनता तक यह पहुंचा ने का है कि किस तरह से पुलिस से संबंधित मामले में भी पीड़ित पुलिस कर्मियों को आम जनता के जैसे सलूक किया जाता है! जो भी हो लेकिन इस तरह की घटना पर वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत संज्ञान लेकर उन अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लेना चाहिए था और उन अपराधियों को कड़ी सजा देनी चाहिए थी ताकि इस तरह की घटना को अंजाम देने के पहले अपराधियों की रुहू कांपे लेकिन ना जानें बैतूल पुलिस को अपने ही विभाग में पदस्थ महिला कर्मी की पीड़ा और दुख दर्द नहीं दिखाई दे रहा है तभी तो उन अपराधियों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहींं की गई अब देखना होगा कि उस महिला पुलिसकर्मी की बातें सुनकर अपराधियों पर कार्रवाई होती है या फिर इसे ठंडे बस्ते में डालकर अपराधी के हौसले बुलंद होने के लिए छोड़ दिया जाता है!

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