Betul News:हेमंत खण्डेलवाल! मंशा आपकी ठीक, फिर आपकी विधानसभा में विकास को पलीता कौन लगा रहा?
तीन महीने पहले प्रदेश अध्यक्ष ने जिला पंचायत को भेजा था पत्र, फिर भी सोनहिल कॉलोनी की सड़क बदहाल; फाइलों में विकास या जमीन पर गड्ढे?
हेमंत खण्डेलवाल! मंशा आपकी ठीक, फिर आपकी विधानसभा में विकास को पलीता कौन लगा रहा?
तीन महीने पहले प्रदेश अध्यक्ष ने जिला पंचायत को भेजा था पत्र, फिर भी सोनहिल कॉलोनी की सड़क बदहाल; फाइलों में विकास या जमीन पर गड्ढे?

बैतूल। बैतूल शहर में विकास कार्यों को सही दिशा देने की कोशिशें अपनी जगह हैं, लेकिन सवाल यह है कि जब जनप्रतिनिधि किसी समस्या पर संज्ञान लेकर संबंधित विभाग को कार्रवाई के निर्देश देते हैं, तो आखिर जमीनी स्तर पर उसका असर क्यों नजर नहीं आता?ऐसा ही मामला विधायक हेमंत खण्डेलवाल की विधानसभा क्षेत्र से सामने आया है। ग्राम मालाझरी पंचायत के अंतर्गत आने वाली सोनहिल कॉलोनी की बदहाल सड़क स्थानीय रहवासियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और खराब मार्ग के चलते आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।रहवासियों के मुताबिक सड़क सुधार की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक जिम्मेदारों की ओर से ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दी है।सड़क की समस्या को लेकर करीब तीन महीने पहले प्रदेश अध्यक्ष को आवेदन दिया गया था। बताया गया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने अपने लेटरहेड पर पत्र जारी कर जिला पंचायत को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा था।इसके बावजूद यदि सड़क की हालत आज भी जस की तस है, तो सवाल सीधे तौर पर संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर उठता है। वैसे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विधायक निधि से रोड बनाने को दो लाख रुपए पंचायत को दिए थे लेकिन रोड को देकर लगता है कि रोड पर सिर्फ नाम मात्र कागजों पर बनी है खैर जो भी हो विधायक निधि का जो पैसा लगा है उसकी जाँच होनी चाहिए की क्या वास्तव मे रोड़ बनाई है!
प्रदेश अध्यक्ष का पत्र भी बेअसर?
जब प्रदेश अध्यक्ष स्तर से मामले में संज्ञान लिया गया और जिला पंचायत को पत्र भेजा गया, तो फिर कार्रवाई की रफ्तार इतनी धीमी क्यों रही?क्या मामला सिर्फ पत्राचार और फाइलों तक सीमित रह गया? या फिर जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर जाकर समस्या की वास्तविक स्थिति जानने की जरूरत ही महसूस नहीं की!विकास के दावों के बीच सोनहिल कॉलोनी की सड़क की तस्वीर कई सवाल खड़े करती है।विधायक हेमंत खण्डेलवाल की विकास को लेकर मंशा अपनी जगह है, लेकिन जमीनी स्तर पर अधिकारियों की कार्यप्रणाली कैसी है, यह सवाल अब जनता पूछ रही है एक तरफ विकास कार्यों को लेकर दावे किए जाते हैं, दूसरी तरफ कॉलोनी के रहवासी बदहाल सड़क से जूझ रहे हैं। ऐसे में सवाल यह भी है कि विकास की फाइलें तेजी से दौड़ रही हैं या फिर सड़क की बदहाली ही दौड़ते-दौड़ते तीन महीने पार कर चुकी है?सोनहिल कॉलोनी की समस्या को देखते हुए संबंधित पंचायत और जिला स्तर के अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर सड़क की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।साथ ही यह भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए कि तीन महीने पहले भेजे गए पत्र के बाद अब तक क्या कार्रवाई हुई, किस अधिकारी या विभाग को जिम्मेदारी दी गई और सड़क सुधार का काम कब तक शुरू होगा।तीन महीने पहले भेजे गए पत्र के बाद भी सोनहिल कॉलोनी की सड़क कब सुधरेगी
