Betul News:घोड़ाडोंगरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बड़ी लापरवाही से घायल बुजुर्ग की जा सकती थीं जान

घायल बुजुर्ग के सर में गंभीर चोट के बावजूद खुली चोट बैतूल कर दिया रेफर, बुजुर्ग की हालत गंभीर

घोड़ाडोंगरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बड़ी लापरवाही से घायल बुजुर्ग की जा सकती थीं जान

घायल बुजुर्ग के सर में गंभीर चोट के बावजूद खुली चोट बैतूल कर दिया रेफर, बुजुर्ग की हालत गंभीर

बैतूल मध्य प्रदेश शासन द्वारा चिकित्सा के क्षेत्र में बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं परंतु घोड़ाडोंगरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इन सब दावों की धज्जियां उड़ाई जा रही है सरकार द्वारा पूरी सुविधा देने के बावजूद वहां पर कार्यरत कर्मचारी अपने कार्यों के प्रति लापरवाही बरतते हुए लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करते नजर आ रहे हैं ताजा मामला सोमवार देर शाम लगभग 6 से 6:30 बजे के आसपास का है जहां ट्रेन की हवा के चपेट में आया बुजुर्ग राम रतन यादव को घोड़ाडोंगरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लहूलुहान हालत में ले जाया गया परंतु घोड़ाडोगरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों और डॉक्टरों द्वारा बुजुर्ग घायल पेशेंट को सर में गंभीर चोट होने के बावजूद बिना टांके लगाए बैतूल जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया क्या बुजुर्ग के सर में लगभग 6 इंच से भी ज्यादा लंबा घाव होने के बावजूद उसे बिना टांके लगाए बैतूल भेज दिया

बैतूल जिला मुख्यालय से घोड़ाडोंगरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की दूरी लगभग 35 किलोमीटर है इन 35 किलोमीटर के दौरान बुजुर्ग के सर से पानी की तरह खून बहता रहा और उसके पूरे कपड़े चादर खून से लतपत हो गए रात लगभग 10 से 10:30 बजे के बीच घायल बुजुर्ग को बैतूल जिला चिकित्सालय लाया गया जहां बैतूल जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों वह स्टाफ द्वारा तत्परता दिखाते हुए उसके सर में टांके लगाकर उसका उपचार किया गया परंतु अधिक खून बह जाने से बुजुर्ग की हालत गंभीर हो गई और उसे परिजन जिला चिकित्सालय से निजी अस्पताल में उपचार हेतु ले गए परिजनों ने आरोप लगाया है कि घोड़ाडोंगरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही के चलते बुजुर्ग की हालत गंभीर हो गई क्योंकि उन्होंने टांके नहीं लगाये जिसके चलते अत्यधिक रक्त का बहाव हुआ इस पूरे मामले में घोड़ाडोंगरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ संजीव शर्मा से इस घटना के संबंध में बात की तो उन्होंने भोपाल मीटिंग में जाने का हवाला दिया और उन्होंने जानकारी लेकर बताने की बात कही तत्पश्चात पुनः बीएमओ को फोन लगाया गया तब उन्होंने पूरे मामले पर अपना ओर अपने कर्मचारियों का बचाव करते नजर आए उनका कहना था कि मरीज क्रिटिकल कंडीशन में था और वह टांके नहीं लगने दे रहा था इस कारण उसे ड्रेसिंग कर बैतूल रेफर कर दिया गया बीएमओ द्वारा दी गई सफाई कुछ हजम नहीं होती किसी भी तरह के क्रिटिकल पेशेंट का उपचार करने का दायित्व चिकित्सकों का होता है जो उन्हें करना चाहिए था इस तरह हार मानकर किसी की जान के साथ खिलवाड़ करना दंडनीय अपराध है अब देखना होगा कि इस पूरे मामले पर किस तरह की कार्यवाही शासन प्रशासन द्वारा की जाती है फिलहाल बुजुर्ग मरीज की हालत गंभीर बताई जा रही है बैतूल जिला चिकित्सालय में रेफर होकर आने वाले अधिकतर पेशेंट को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वाले बिना टांके लगाए ही बैतूल जिला चिकित्सालय रेफर करने की घटनाएं आम बात हो चुकी है जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ईश्वर ध्यान देते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगाम लगाना अति आवश्यक हो गया है जिससे किसी घायल व्यक्ति की जान पर न बन आए

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