Municipal negligence:नगर में आवारा कुत्तों का आतंक, नागरिक परेशान
नगर में आवारा कुत्तों का आतंक, नागरिक परेशान

बैतूल। नगर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे नागरिकों में भय का माहौल बन गया है। मुख्य मार्ग, चौक-चौराहे, मोहल्लों की गलियां, सभी स्थानों पर आवारा कुत्तों का दबदबा बढ़ता दिख रहा है। विशेष रूप से कोठी बाजार, गंज मार्केट और सदर जैसे क्षेत्रों में कुत्तों की बड़ी संख्या में मौजूदगी लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गई है नागरिकों का कहना है कि मोहल्लों में अक्सर 50 से 60 कुत्तों का झुंड दिखाई देता है, जो राहगीरों पर झपटते हैं। यही नहीं, कुत्ते अक्सर वाहनों के पीछे भागते हैं, जिससे बाइक चालकों का दुर्घटनाग्रस्त होकर घायल होने का खतरा बढ़ जाता है। स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे और उनके माता-पिता दिन-रात कुत्तों के आतंक से परेशान हैं। कुत्तों द्वारा नागरिकों को काटे जाने की घटनाएं पहले भी सामने आई हैं, और बारिश के मौसम में रेबीज वायरस फैलने का खतरा अधिक हो जाता है। नागरिकों का कहना है कि अगर जल्द ही इन कुत्तों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो भविष्य में कोई बड़ी घटना घटने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही भी सामने आ रही है। जब भी इस समस्या की रिपोर्टिंग की जाती है, नगर पालिका द्वारा सिर्फ टीम गठित करने की बातें कही जाती हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होती। इस कारण नगर में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, और उनका आतंक चरम पर पहुंच चुका है।नागरिकों की मांग है कि नगर पालिका और जिम्मेदार अधिकारियों को इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए ठोस और उचित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि आवारा कुत्तों से नागरिकों को जल्द राहत मिल सके।
