Betul news:ट्रांसफार्मर खराब होने से अंधेरे में डूबा सवास नजिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े ने उठाई ग्रामीणों की आवाज
बिजली कंपनी के उपमहाप्रबंधक से मौके पर की चर्चा बिसनूर के सहायक यंत्री को जल्द कार्रवाई करने के निर्देश
ट्रांसफार्मर खराब होने से अंधेरे में डूबा सवास नजिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े ने उठाई ग्रामीणों की आवाज
बिजली कंपनी के उपमहाप्रबंधक से मौके पर की चर्चा बिसनूर के सहायक यंत्री को जल्द कार्रवाई करने के निर्देश

बैतूल। जिले के ग्राम सवासन, पंचायत जामठी में 10-12 दिनों से ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण पूरा गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। बिजली न होने से ग्रामीणों को जंगली जानवरों और जहरीले कीड़ों का खतरा सताने लगा है। गांव जंगल के पास स्थित है, जिससे रात के अंधेरे में ग्रामीणों को अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भय बना रहता है। पहले भी सांप के काटने की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने कई बार बिजली कंपनी के कर्मचारियों और सुपरवाइजर से ट्रांसफार्मर बदलने की गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी दौरान ग्राम भ्रमण पर पहुंचीं जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े को ग्रामीण महिलाओं ने अपनी समस्या बताई। उर्मिला गव्हाड़े ने तत्काल बिजली कंपनी के उपमहाप्रबंधक मुलताई संजय यादव से मोबाइल पर चर्चा की और समस्या को गंभीरता से उठाया। यादव ने शीघ्र ट्रांसफार्मर बदलने का आश्वासन दिया और बिसनूर के सहायक यंत्री श्री गुजरे को जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े ने बताया कि सवासन में अधिकतर गरीब मजदूर, अनुसूचित जाति, जनजाति के लोग रहते हैं। गांव जंगल के पास होने के कारण जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। अंधेरे में किसी भी दुर्घटना की आशंका है। उन्होंने कहा कि पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं और समय रहते ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया तो किसी बड़ी अनहोनी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
इस दौरान उनके साथ समाजसेवी रमेश गव्हाड़े, महादेव बिहारे, राजेश चढ़ोकार, राजेश धुर्वे, बंडू बिहारे सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे। उर्मिला गव्हाड़े की त्वरित पहल से गांव में आशा जगी है कि जल्द ही ट्रांसफार्मर बदला जाएगा और गांव के लोग अंधेरे से मुक्त हो सकेंगे। बिजली कंपनी की लापरवाही से परेशान ग्रामीणों को अब जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े के नेतृत्व में राहत मिलने की उम्मीद है। यह उनकी सक्रियता का ही परिणाम है कि बिजली कंपनी ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
