News:चिचंडा चैक पोस्ट पर किसको पड़ी मार किसकी टूटी टांग! भुजो तो जाने
चिचंडा चैक पोस्ट पर किसको पड़ी मार किसकी टूटी टांग! आगे और भी लिखता लेकीन क्या करूं मुझे लिखना नहीं आता

अपने आप को राजा हरिश्चंद्र बताने वाले व्यक्ति जो 40, वर्षो का अनुभव रखने वाले के बारे कुछ रोचक तथ्य है जो वैसे तो गया है कि किसी के अतीत के बारे में बोलना या लिखना नहीं चाहिए लेकिन समय और परिस्थिति के हिसाब से अगर आप किसी के अतीत के बारे में लोगों को जानकारी साझा कर रहे तो यह कोई गुनाह नहीं वैसे शहर में एक चर्चा जमकर चल रही है यहां तक की भोपाल की गलियों में भी यह चर्चा जोरों पर है सन् 1994 के आस पास कोई चेक पोस्ट पर पैसे की हुँगई करने गए व्यक्ति को दौड़ा-दौड़ा कर मर गया था जिससे उस का पैर टूटा पर वह लोगों को एक भ्रमित जानकारी देता है अगर कोई उसके पैर टूटने के बारे में पूछता है तो वह कहता है कि गाड़ी से गिरने के बाद मेरा पैर टूटा लेकिन वही उस जमाने के लोग आज भी नयुग के युवाओं को बताते हैं कि उस व्यक्ति द्वारा चिचंडा चेक पोस्ट पर जाकर कर्मचारियों से पैसे की डिमांड की थी और कर्मचारियों द्वारा उसे दौड़ा-दौड़ा कर मारा था हालांकि उसे समय वहां पैर टूटने के बावजूद भी अस्पताल नहीं गया लेकिन कुछ दिन के बाद जब वह अपने घर मैं बने बाथरूम में गिरा तो कमर टूटी तो वह अस्पताल जाकर इलाज कराया गया! वैसे इस व्यक्ति के बारे में कहा जाता है कि फर्जी अधिकारी बनकर किसी अधिकारी की भी गाड़ी रोकी गई थी और कार्रवाई करने की बात की लेकिन जैसे ही पता चला कि असली अधिकारी को मैंने रोक लिया है तो हाथ पैर जोड़कर माफी मांगी गई और किसी भी प्रकार के कार्रवाई न करने के लिए असली अधिकारी को इसके द्वारा मना लिया गया वैसे यहां लोगों को फर्जी यूट्यूब पोर्टल बाज बोलता फिरता है। वह तो होशंगाबाद के आरटीओ साब का भला हो जिसने ब्लैक मेंलर के खिलाफ कोई कारवाई नहीं की हालांकि इसके बारे में यह भी कहा जा रहा है कि इसके पूरे परिवार को ब्लैक लिस्ट किया गया था ताकी ये किसी के नाम पर अखबार का टाईटल ना लेकर आए लेकिन जैसे-जैसे समय परिवर्तन होता गया वैसे पुराने अधिकारियों के मुख्यालय से ट्रांसफर होने के बाद फर्जी बेल्मेलर के द्वारा नए अधिकारियों के साथ बैठकर दो अखबार का टाइटल लेकर आ गया अगर पुराने अधिकारी होते तो शायद उसे यह भी नहीं मिलता। खैर जो भी हो अति का अंत होता है।
