Betul News:14 लाख के स्टॉप डैम में बड़ा घोटाला उजागर सर्वे कहीं, निर्माण कहीं और, मजदूरों की जगह जेसीबी से हो रहा काम
14 लाख के स्टॉप डैम में बड़ा घोटाला उजागर सर्वे कहीं, निर्माण कहीं और, मजदूरों की जगह जेसीबी से हो रहा काम
सचिव के नदारद रहने के चलते चपरासी कर रहा पंचायत के सारे काम

बैतूल। ग्राम पंचायत कोठिया में मनरेगा के तहत बनाए जा रहे 14 लाख की लागत के स्टॉप डैम में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। ग्रामीण पिंकेश धुर्वे, सोनू धुर्वे, कुंदन यादव, गब्बू धुर्वे, मनेश आहाके, सुब्बना अहाके और मुन्ना धुर्वे ने बताया कि डैम का सर्वे एक जगह हुआ था, लेकिन निर्माण दूसरी जगह किया जा रहा है। नियमों के अनुसार डैम निर्माण में काली मिट्टी का उपयोग जरूरी होता है, लेकिन यहां खुदाई से निकली मुरम से ही निर्माण हो रहा है। ठेकेदार बिल में 7-8 किलोमीटर दूर से काली मिट्टी लाने का खर्च दिखाकर सरकारी राशि का गबन कर रहे हैं।मजदूरों को रोजगार देने के बजाय पंचायत में मशीनों से काम कराकर राशि का बंदरबांट किया जा रहा है। गरीब मजदूर रोजी-रोटी के लिए दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन सरपंच-सचिव अपनी मनमर्जी से सरकारी योजनाओं को ठेंगा दिखा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया पंचायत में सरपंच और सचिव की मनमर्जी चल रही है, और पंचों की राय को कोई तवज्जो नहीं दी जा रही।
सचिव गायब, चपरासी चला रहा पंचायत

पंचायत कार्यालय की हालत यह है कि यहां सचिव के नदारद रहने के चलते चपरासी ही सारे काम देख रहा है, जबकि सरपंच किसी की सुनने तक को तैयार नहीं है।शिकायतकर्ता ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत में सचिव पिछले 30-40 दिनों से अनुपस्थित है, लेकिन इस दौरान पंचायत के सभी जरूरी काम चपरासी द्वारा किए जा रहे हैं। सरपंच पंचायत की बैठकों में पंचों से कोई सलाह-मशवरा नहीं करता और अपने मनमुताबिक फैसले ले रहा है।
