सोनाघाटी ब्रिज के पास हत्या की साजिश रचते पकड़ा गया कुख्यात बदम CrimeNews:पिस्टल, कारतूस और एक्सयूवी कार बरामद!

सोनाघाटी ब्रिज के पास हत्या की साजिश रचते पकड़ा गया कुख्यात बदमाश, देशी पिस्टल, कारतूस और एक्सयूवी कार बरामद!

बैतूल, बुधवार को कोतवाली पुलिस ने हत्या की साजिश रच रहे कुख्यात अपराधी रिंकू उर्फ राहुल राठौर को हथियार और लग्जरी कार सहित गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से एक देशी पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस और एक महिंद्रा एक्सयूवी 500 कार बरामद की गई है। पुलिस ने इस कार्रवाई को सोनाघाटी ब्रिज क्षेत्र में अंजाम दिया।

घटनाक्रम का पूरा विवरण

दिनांक 2 जुलाई 2025 को थाना कोतवाली को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक शातिर अपराधी, जो पहले से हत्या के एक मामले में जमानत पर है, अपनी सिल्वर रंग की एक्सयूवी कार में हथियार लेकर सोनाघाटी ब्रिज क्षेत्र में पुराने दुश्मन की हत्या के इरादे से घूम रहा है।सूचना को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली पुलिस ने तत्काल एक टीम गठित की और बताए गए स्थान पर नाकाबंदी की। कुछ ही देर में एक सिल्वर रंग की महिंद्रा एक्सयूवी 500 (क्रमांक UP 83 AF 8888) आती दिखाई दी। पुलिस ने उसे साक्षियों की उपस्थिति में रोका, लेकिन आरोपी ने भागने की कोशिश की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे धर दबोचा। एसडीओपी शालिनी परस्ते ने पत्रकार वार्ता में बताया कि पकड़े गए आरोपी की पहचान रिंकू उर्फ राहुल राठौर पिता रमेश राठौर, उम्र 37 वर्ष, निवासी विनोबा नगर, गंज बैतूल के रूप में हुई है। उसकी तलाशी लेने पर कमर में लगी एक देशी पिस्टल, उसमें लगी मैगजीन और 5 जिंदा कारतूस बरामद हुए। साथ ही, आरोपी की एक्सयूवी कार भी जब्त की गई है।

बरामद सामग्री का विवरण इस प्रकार है

एक देशी पिस्टल व मैगजीन सहित 5 जिंदा कारतूस — अनुमानित मूल्य ₹37,500

महिंद्रा एक्सयूवी 500 कार (UP 83 AF 8888) — अनुमानित मूल्य ₹15,00,000

कुल जब्ती मूल्य: ₹15,37,500/-

कानूनी कार्रवाई और अपराध पृष्ठभूमि

आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली बैतूल में प्रकरण क्रमांक 715/2025 अंतर्गत धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और मामले की विवेचना जारी है।रिंकू उर्फ राहुल राठौर एक कुख्यात अपराधी है, जिसके विरुद्ध हत्या, हत्या का प्रयास, बलवा, चोरी, नकबजनी, बलात्कार, मारपीट जैसे कुल 11 गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। वह वर्ष 2014 के एक हत्या प्रकरण में आजीवन कारावास की सजा पा चुका है और फिलहाल उच्च न्यायालय से जमानत पर रिहा था। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि हथियार और कारतूस की आपूर्ति किसने की, इसकी जांच की जा रही है।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका:

इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने में निरीक्षक रविकांत डेहरिया, उप निरीक्षक राकेश सरयाम, नरेंद्र उइके, सउनि प्रआर 64 तरुण पटेल, प्रआर 369 शिव कुमार, आर. 56 नितिन, आर. 83 अनिल, आर. 703 प्रदीप, आर. 147 राजेंद्र और साइबर सेल की टीम की विशेष भूमिका रही।

 

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