Betul News:नशे के आगे सच्चाई झुकी धर्म का पता नहीं!
नशे के आगे सच्चाई झुकी धर्म का पता नहीं!

बैतूल। यारों, गुस्सा मत करना… मैं नशे में हूं! और नशे में इंसान वही करता है जो होश में कभी नहीं सोचता। फर्क बस इतना है कि आजकल कुछ युवा नेता बिना नशे के भी वही कर जाते हैं शिक्षा और रोजगार की बात छोड़कर सीधे धर्म का झंडा उठा लेते हैं।दरअसल दो पैग अंदर जाते ही धर्म सबसे पहले याद आता है। फिर क्या है।सभा हो या सोशल मीडिया,धर्म सबसे बड़ा उपकार का नारा ही गूंजता है। अब जनता पूछे कि रोजगार? शिक्षा? विकास? तो जवाब मिलता है।पहले धर्म बचाओ, बाकी सब अपने आप सुधर जाएगा। कहते हैं बैतूल में हाल ही में एक साफ-सुथरे अफसर को लाइन हाजिर कर दिया गया। लोग तो अब इस लाइन हाजिर में तहर तरह की बाते कर रहे हैं और अपने तर्क लगा रहे हैं कि नए साहब अपने हिसाब से थाना प्रभारी रखेंगे सब की नजर में अब न जाने अगला प्रभारी कौन होगा जो लाइन होकर उसकी जगह दूसरे को थाना दिया जाएगा। वैसे एक बात और निकल कर सामने आई है कि अभी जिसको मुख्य शहर के बीच थाने का प्रभारी बनाया गया ओ नर्मदापुरम के बड़े साहब का खास माना जाता है। इस लिए तो प्रभार दिया गया वजह चाहे जो हो, पर कुछ युवा नेताओं ने इसे भी अपने पुण्य खाते में जमा कर लिया। अब सोशल मीडिया पर कुछ देर बाद धर्म रक्षा और अधिकार रक्षा दोनों की पोस्ट डालना चालू हो जाएगी वैसे तो युवाओं में एक ट्रेंड जमकर चलन में है जहां वैवाहिक फोटो से लेकर धार्मिक जुलूस तक सब कुछ टाइमलाइन पर सजाकर वे खुद को सर्वगुण सम्पन्न साबित करने में लगे हैं। मगर जनता सोच रही है अगर शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर भी इतनी ही मेहनत करते तो बैतूल का चेहरा कुछ और होता।
