liquor News:गंज शराब दुकान पर ठेकेदार का रेट और अपने नियम! आबकारी विभाग खामोश

गंज शराब दुकान पर ठेकेदार का रेट और अपने नियम! आबकारी विभाग खामोश

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बैतूल। जिले की गंज शराब दुकान एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही है। शराब दुकान पर नियमों की अनदेखी और मनमाने तरीके से शराब बिक्री किए जाने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। ग्राहकों का कहना है कि दुकान पर न तो रेट लिस्ट प्रदर्शित की गई है और न ही कई मामलों में बिल दिया जा रहा है। ऐसे में लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर शराब दुकान सरकारी नियमों से चल रही है या ठेकेदार के अपने नियमों से। वही शराब दुकानों के संचालन को लेकर आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग द्वारा शराब दुकानों के संचालन के लिए स्पष्ट नियम तय किए गए हैं। इनमें दुकान पर सभी ब्रांड की कीमतों की सूची सार्वजनिक रूप से लगाना अनिवार्य माना गया है, ताकि ग्राहकों से निर्धारित मूल्य से अधिक राशि न वसूली जा सके। लेकिन गंज शराब दुकान पर स्थिति इसके विपरीत नजर आ रही है। यहां ग्राहकों को न तो रेट लिस्ट दिखाई देती है और न ही कई मामलों में बिल उपलब्ध कराया जाता है।स्थानीय लोगों और शराब खरीदने पहुंचे ग्राहकों का आरोप है कि कई ब्रांड की शराब एमआरपी से अधिक कीमत पर बेची जा रही है। जब ग्राहक रेट लिस्ट या बिल की मांग करते हैं तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर विभागीय निरीक्षण केवल कागजों तक सीमित है या फिर जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर आंखें मूंदे हुए हैं।सूत्रों की मानें तो जिले की अधिकांश शराब दुकानों पर नियमों का पालन अधूरा है, लेकिन गंज शराब दुकान पर हालात सबसे ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं। दुकान के बाहर अव्यवस्था, ग्राहकों की भीड़ और नियमों की अनदेखी आम बात बन चुकी है। इसके बावजूद आबकारी विभाग की ओर से कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही।शहरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो शराब दुकानों पर मनमानी और बढ़ सकती है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे बैठे हैं। वैसे जिला प्रशासन और आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच कर कार्रवाई करना चाहिए है ताकि उपभोक्ताओं से हो रही कथित अतिरिक्त वसूली पर रोक लग सके और नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।

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