Betul News:एक ही तालाब को दो योजनाओं में दर्शाने का आरोप, जांच की मांग
मनरेगा और मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं में अलग-अलग हितग्राहियों के नाम दर्ज होने का दावा; शिकायतकर्ता ने अभिलेखों और मौके के भौतिक सत्यापन की उठाई मांग
एक ही तालाब को दो योजनाओं में दर्शाने का आरोप, जांच की मांग
मनरेगा और मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं में अलग-अलग हितग्राहियों के नाम दर्ज होने का दावा; शिकायतकर्ता ने अभिलेखों और मौके के भौतिक सत्यापन की उठाई मांग

बैतूल। ग्राम पंचायत टेमझिरा अ में तालाब निर्माण को लेकर एक शिकायत सामने आई है। ग्राम टेमझिरा अ निवासी संदीप पवार ने आरोप लगाया है कि मौके पर केवल एक तालाब बना हुआ है, जबकि विभागीय रिकॉर्ड में इसी तरह के निर्माण को दो अलग-अलग हितग्राहियों और दो अलग-अलग योजनाओं के तहत दर्शाया गया है शिकायतकर्ता के अनुसार, एक तालाब मनरेगा योजना के अंतर्गत भैय्यालाल/दस्सर के नाम से तथा दूसरा तालाब मत्स्य पालन विभाग की योजना के अंतर्गत गौरेलाल/दस्सार के नाम से दर्ज बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि यदि दोनों योजनाओं में एक ही तालाब का निर्माण दर्शाकर भुगतान किया गया है, तो मामले में शासकीय राशि के दुरुपयोग की जांच आवश्यक है।सीएम हेल्पलाइन शिकायत बंद करने पर भी सवाल संदीप पवार का कहना है कि उन्होंने पूर्व में इसी मामले को लेकर सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की थी। उनका आरोप है कि पंचायत में तालाब से संबंधित जानकारी मांगने के बाद सरपंच, सचिव और सहायक सचिव द्वारा उनके खिलाफ गाली-गलौज के आरोप में कार्रवाई करवाई गई। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें दोबारा तालाब की शिकायत करने पर जमानत नहीं होने देने और मारने की धमकी दी जा रही है शिकायतकर्ता के अनुसार, पूर्व शिकायत क्रमांक 39179028 थी, जबकि अब नई शिकायत 40084751 दर्ज की गई है। उनका आरोप है कि पूर्व शिकायत को बिना समुचित जांच के निराधार बताते हुए बंद कर दिया गया।अभिलेखों से लेकर स्थल सत्यापन तक जांच की मांग आवेदन में संबंधित अधिकारियों से मनरेगा और मत्स्य पालन विभाग के रिकॉर्ड, प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति, माप पुस्तिका, भुगतान विवरण सहित अन्य अभिलेखों की जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही मौके पर भौतिक सत्यापन कर यह स्पष्ट करने की मांग की गई है कि दोनों योजनाओं में दर्शाए गए तालाब वास्तव में अलग-अलग हैं या एक ही निर्माण को दो योजनाओं में दर्ज किया गया है।शिकायतकर्ता ने मांग की है कि यदि जांच में एक ही तालाब को दो योजनाओं में दर्शाकर शासकीय राशि का भुगतान किए जाने की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा शासकीय राशि की वसूली की जाए।
