Betul News:बैतूल गजब मनमानी चल रही! शराब दुकान में प्रिंट रेट से अधिक हो रही वसूली, खाक छान रहा आबकारी विभाग, कहीं कोई सेटिंग तो नहीं?
बैतूल गजब मनमानी चल रही! शराब दुकान में प्रिंट रेट से अधिक हो रही वसूली, खाक छान रहा आबकारी विभाग, कहीं कोई सेटिंग तो नहीं?

शराब बेशक हानिकारक है। सभ्य समाज की नजर में बुरी भी लेकिन इसका मतलब यह कैसे हो सकता है कि शराब के धंधे में कोई हिसाब ही ना रहे और ग्राहकों को खुलेआम लूटा जाता रहे ठेकेदार नियम का पालन न करें और जिम्मेदार आंखें बंद कर देखते रहे यही तो हो रहा है ना तो दुकानों पर रेट लिस्ट लगी है और ना ही इसके हिसाब से दाम लिए जा रहा है रेट वही जो ठेकेदार तय करें देसी शराब से ज्यादा तो अंग्रेजी में थोड़ी ज्यादा क्या बहुत ज्यादा धांधली है सरेआम हो रही मनमानी वसूली से तंग आकर ग्राहक सीएम हेल्पलाइन तो लगा रहे हैं लेकिन उसका कोई खासा असर देखने को नहीं मिल रहा क्योंकि जिम्मेदार अधिकारी आंख बंद करके जो बैठे हैं वही सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जो कानून की धज्जियां उडाते नजर आ रहा है. यही वजह है कि शराब दुकान के सेल्समैन बेखौफ होकर प्रिंट रेट से अधिक में शराब की बिक्री कर रहे हैं. ठेकेदार को न तो प्रशासन का ना ही आबकारी विभाग का डर है. यही वजह है कि ओवर रेट पर शराब बेची जा रही है. जिसका एक वीडियो भी सामने आया है. जिसे एक कस्टमर ने बनाकर वायरल कर दिया है. वीडियो सामने आने के बाद शासन-प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर किसकी शह पर ये खेल चल रहा हैं!जहां पर एमआरपी से ज्यादा दाम पर बेची जा रही है

हालांकि, बैतूल की किसी भी दुकानों पर न तो रेट लिस्ट दिखती है और न ही बिलिंग मशीन का उपयोग होता है। ग्राहक जब बिल मांगते हैं, तो दुकानदार बहस करने लगते हैं, और कई बार गाली-गलौज या झगड़े तक की नौबत आ जाती है।
रिश्वत का खेल इस लिए नहीं हट रही दुकान !

दरअसल राजेन्द्र वार्ड आंगन वाड़ी क्रमांक 2 के पास शराब दुकान खोलने के बाद आंगन वाड़ी कार्यकर्ता ने परियोजना अधिकारी और वार्ड वासियों ने जन सुनवाई में कलेक्टर नरेंद्र सुर्यवंशी को आवेदन दिया था। मामले की सम्वेदनशीलता को देखते हुए परियोजना अधिकारी शहरी क्षेत्र ने तत्काल संज्ञान लेकर जिला आबकारी अधिकारी को भी सूचित किया था। पत्र में उल्लेखित है कि, आंगन वाड़ी केंद्र के बहुत ही समीप शराब दुकान खोली गई है। केंद्र में बहुतायत बच्चों को जहां प्राथमिक शिक्षा दी जाती है तो शासकीय योजनाओं के तहत महिलाओं को भी समय समय पर सेवाएं दी जाती हैं। केंद्र के पास ही शराब दुकान होने से हितग्राहियों को आने जाने में परेशानियों का अनुभव होगा और इसका विपरीत प्रभाव भी पड़ेगा। शराब दुकान आंगन वाड़ी के पास से हटाकर अन्यत्र दूसरे स्थान पर लगाए जाने की कार्यवाही की जाए। खुद वार्ड वासियों का भी कहना है कि, आंगन वाड़ी में गर्भवती महिलाओं का भी आना जाना लगा रहता है, वार्ड में शराब दुकान के संचालन से बच्चों सहित महिलाओं और यहां रहने वाले परिवारों पर बुरा असर पड़ेगा।
लेकिन आदेश के बाद भी आज तक दुकान को हटाया नहीं गया जिसे लोगों का कहना है कि रिश्वत का खेल होगा इस लिए शराब दुकान नहीं हटाई जा रही! जो भी है लेकिन इस मामले में बैतूल कलेक्टर को एक्शन लेकर दुकान को वहां से हटा देना चाहिए!
