Police News:पुलिस पर जानलेवा हमले: सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी?

पुलिस पर जानलेवा हमले: सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी?

देश की कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आम नागरिकों की सुरक्षा का भार जिनके कंधों पर होता है, यदि वही पुलिस असुरक्षित महसूस करे, तो यह समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बन जाता है। हाल में पुलिसकर्मियों पर हमलों की बढ़ती घटनाओं ने इस मुद्दे को और भी प्रासंगिक बना दिया है। क्या पुलिस विभाग में पदस्त कर्मचारी की जान नहीं है! क्या उनका परिवार नहीं है! तो फिर क्यों पुलिस विभाग पर पाबन्दी लगाई जाती है! हाल ही में महू जिले में शाहपुर थाना क्षेत्र के गड़रा गांव में आदिवासी परिवार ने एक युवक को बंधक बनाकर पीटा जिससे उसकी मौत हो गई. घटना की सूचना पाते ही उसे बचाने पहुंचे टीआई समेत पुलिस की टीम पर भी आरोपियों ने हमला कर दिया. इस हमले में एक एएसआई की मौत हो गई है. जबकि तहसीलदार सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए.यह मामला दो महीने पहले हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है. हादसे में अशोक कुमार आदिवासी की मौत हो गई थी. आदिवासी परिवार ने इसे हादसा न मानते हुए सनी द्विवेदी नाम के युवक पर हत्या का आरोप लगाया था. इसके बाद सनी को पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया और उसकी पिटाई की, जिससे उसकी भी मौत हो गई.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल ये घटना मऊगंज जिले की शाहपुर की है, जहां एक युवक की हत्या के बाद आरोपियों ने पुलिस सहित तहसीलदार पर हमला कर दिया, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं. इसके अलावा कई पुलिस कर्मियों को आरोपियों ने बंधक बना लिया. घटना के बाद इस कदर बवाल मच गया कि मौके पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है। शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रमनगरी के गड़रा गांव में दो महीने पहले एक युवक अशोक कुमार आदिवासी की सड़क हादसे में मौत हो गई थी. लेकिन आदिवासी परिवार के लोगों ने इसे हादसा नहीं बल्कि हत्या बताते हुए सनी द्विवेदी पर हत्या का आरोप लगाया था. यह हादसा उस वक्त हुआ था जब तेज रफ्तार बाइक दो महीने पहले पुल से टकरा गई थी. जिस वक्त यह हादसा हुआ उस समय वहां पर कोई मौजूद नहीं था. इस वजह से आदिवासी परिवार के लोगों ने इसे हत्या करार देते हुए सनी द्विवेदी पर हत्या का आरोप लगाया था. घटना के बाद से इस मामले में काफी गहमा गहमी चल रही थी. इसी बीच होली के त्योहार का फायदा उठाते हुए आदिवासी परिवार के लोगों ने सनी द्विवेदी को बंधक बना लिया. इसके बाद उसे कमरे के अंदर बंद करके जमकर पीटा गया. मामले की जानकारी लगने के बाद मौके पर शाहपुर थाना प्रभारी संदीप भारतीय अपनी पुलिस टीम के साथ पहुंचे. स्थिति को बेकाबू देखकर थाना प्रभारी संदीप भारतीय ने अपने उच्च अधिकारियों को सूचित किया. इस घटना के बाद भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा.

पुलिस अधिकारियों पर हमला

जब पुलिस फोर्स के साथ कमरे को खुलवाया गया तब तक सनी की मौत हो चुकी थी. इस पूरे मामले पर पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया, जिसके बाद एक बार फिर से बवाल मच गया. इस बवाल की तैयारी पहले से ही कर ली गई थी. जैसे ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कमरे के अंदर पहुंचे वैसे ही उन पर हमला कर दिया गया. आरोपियों ने डंडे और पत्थर बरसाए.

हमले में एएसआई की मौत

इस हमले में रामचरण गौतम ASI की मौत हो गई. वह पुलिस लाइन में पदस्थ थे. जबकि शाहपुर थाना प्रभारी संदीप भारतीय, हनुमान तहसीलदार कुंवारे लाल पनिका, मऊगंज पुलिस थाने में पदस्थ एएसआई बृहस्पति पटेल, एसडीओपी रीडर अंकित शुक्ला, जवाहर सिंह यादव 25वी बटालियन सहित कई अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. जिन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल मऊगंज लाया गया है वहीं तहसीलदार को रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां पर उनकी हालत गंभीर बनी हुई है.

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