Betul News:गरीबो के लिए आफत बन रहा जिला चिकित्सालय का डाॅ प्रदीप धाकड़
गरीबो के लिए आफत बन रहा जिला चिकित्सालय का डाॅ प्रदीप धाकड़
कलेक्टर के पास पहुंची शिकायत, सिविल सर्जन करेंगे जांच

बैतूल जिले के सबसे बड़े अस्पताल जहा गरीबों का इलाज़ मुफ्त का दावा सरकार द्वारा किया जाता हे लेकिन उसी दावों को खोखला करते चन्द डॉक्टर बैतूल में जिला चिकित्सालय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जामकर वायराल हो रहा है जहा डाक्टर मरीज के मरीजन से पांच हजार ले रहे है जिस महिला से रिश्वत ली गई है उसके साथ एक संगठन के लोगों ने सोमवार को कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को वीडियो दिखाकर शिकायत की है। हालांकि लिखित शिकायत नहीं की है, लेकिन कलेक्टर ने सिविल सर्जन डॉ अशोक बारंगा मामले की जांच के लिए कहा है। सूत्रों ने बताया कि डॉ धाकड़ का जिला चिकित्सालय में मौजूदगी के दौरान एक वीडियो जारी हुआ है। करीब 1 मिनट 17 सेकंड के इस वीडियो में डॉ धाकड़ ट्रामा सेंटर में दिखाई दे रहे हैं। इसमें एक ग्रामीण महिला पर्स से पैसे निकालते दिख रही है। वीडियो में केवल इतनी आवाज आ रही है कि 1700 रुपए डाक्टर धाकड़ को देने की बात सामने आ रही है, लेकिन वीडियो में डॉ धाकड़ द्वारा रिश्वत लिए जाने जैसे तथ्य दिखाई नहीं दे रहे हैं। इस मामले में भाजपा नेता विजय खातरकर ने बताया कि जामगांव निवासी उनके परिचित 28 वर्षीय महिला को गाठ हो गई थी, इसके लिए डाक्टर धाकड़ द्वारा पांच हजार रुपए मांगे जा रहे थे।,गरीब परिस्थिति के मरीज इतनी राशि देने के लिए सक्षम में नहीं थे। इसके बाद डॉ धाकड़ का एक वीडियो बनाया। उन्होंने बताया कि जब डाक्टर को रिश्वत की राशि दी जा रही थी तो उन्होंने रुपए लेने से इंकार करते कमरे में बुलाकर आपरेशन के लिए राशि ली है। इसके बाद कलेक्टर सूर्यवंशी को मौखिक शिकायत की गई।
कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमएचओ डॉ रविकांत उइके और सिविल सर्जन डॉ अशोक बारंगा को इस मामले में जांच के लिए कहा है। डॉ बारंगा ने बताया कि उन्हें भी इस मामले में शिकायत मिली है। कलेक्टर साहब ने मामले में जांच के लिए कहा है। ज्ञात हो कि पूर्व में बैतूल में सीएमएचओ और सिविल सर्जन रहते हुए डॉ धाकड़ पर कई गंभीर आरोप लग चुके हैं, उन्हें यहां से निलंबित भी किया जा चुका है। इसके बावजूद लगातार उनकी इस तरह की शिकायत आम बात हो गई है।
