Betul News:बैतूल आरपीएफ की सतर्कता से परिवार बिछड़ी बुजुर्ग महिला यात्री को परिजनों से मिलाया
बैतूल आरपीएफ की सतर्कता से परिवार बिछड़ी बुजुर्ग महिला यात्री को परिजनों से मिलाया

बैतूल।ऑपरेशन डिग्निटी के तहत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) बैतूल द्वारा मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए ट्रेन यात्रा के दौरान बिछड़ी एक बुजुर्ग महिला को सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।दिनांक 19 जनवरी 2026 को DSCR नागपुर से प्राप्त रेल मदद संदर्भ क्रमांक 202611906795 के माध्यम से सूचना मिली कि ट्रेन संख्या 12409 गोंडवाना एक्सप्रेस से एक बुजुर्ग महिला बैतूल स्टेशन पर उतर गई हैं और यात्रा के दौरान अपने परिजनों से बिछड़ गई हैं।सूचना मिलते ही आरपीएफ पोस्ट बैतूल से एएसआई राकेश मिश्रा एवं महिला प्रधान आरक्षक फरहा खान द्वारा स्टेशन के समस्त प्लेटफॉर्म क्षेत्र में सघन तलाश की गई। तलाश के दौरान प्लेटफॉर्म नंबर 02 पर एक बुजुर्ग महिला डरी-सहमी अवस्था में बैठी मिलीं, जिनका हुलिया रेल मदद से प्राप्त फोटो से मेल खाता पाया गया।
महिला से पूछताछ करने पर उन्होंने अपना नाम ऊषा बाई सिन्हा, पति रामलाल सिन्हा, उम्र 70 वर्ष, निवासी करवधा, जिला कबीरधाम (छत्तीसगढ़) बताया। महिला के पास मोबाइल फोन नहीं था। आरपीएफ स्टाफ द्वारा उन्हें शालीनता एवं संवेदनशीलता के साथ समझाकर आरपीएफ पोस्ट बैतूल लाया गया तथा रेल मदद के माध्यम से उनके परिजनों को सूचना दी गई।सूचना प्राप्त होने के पश्चात परिजन राजेंद्र शर्मा, पिता माखनलाल शर्मा, उम्र 51 वर्ष, निवासी करवधा, जिला कबीरधाम (छत्तीसगढ़) अपनी बेटी के साथ आरपीएफ पोस्ट बैतूल पहुंचे। उन्होंने बताया कि लगभग 40 लोग मिलकर वृंदावन में कथा सुनने जा रहे थे, इसी दौरान उनकी बड़ी मम्मी ऊषा बाई बिना बताए बिस्किट एवं पानी लेने ट्रेन से उतर गई थीं और ट्रेन के रवाना हो जाने के कारण पुनः चढ़ नहीं पाईं।बुजुर्ग महिला से परिजनों के संबंध में पुष्टि कराई गई, जिस पर उन्होंने बताया कि यही उनके परिवार के सदस्य हैं और वह उन्हें भली-भांति पहचानती हैं। इसके पश्चात आधार कार्ड के माध्यम से पहचान सत्यापित कर आवश्यक कागजी कार्यवाही पूर्ण की गई।सभी विभाग की करवाई के बाद बुजुर्ग महिला यात्री ऊषा बाई सिन्हा को सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।आरपीएफ की इस तत्परता एवं मानवीय कार्य की यात्रियों व परिजनों द्वारा सराहना की गई।
