Political News:बैतूल में राजनीति के नाम पर युवाओं की जान से खिलवाड़, नियम-कायदों की उड़ी धज्जियां
बैतूल में राजनीति के नाम पर युवाओं की जान से खिलवाड़, नियम-कायदों की उड़ी धज्जियां

बैतूल, राजनीति में अपनी ताकत और प्रभाव दिखाने की होड़ में कुछ लोग न केवल नियम-कायदों की अनदेखी कर रहे हैं, बल्कि युवाओं की जान को भी खतरे में डाल रहे हैं। बैतूल में कांग्रेस के एक नेता जो मुल्ताई विधान सभा के पूर्व मंत्री के समर्थकों द्वारा ऐसा ही एक खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना कृत्य सामने आया है, जिसने सभी को चौंका दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक तस्वीर ने इस घटना को उजागर किया है, जिसमें कुछ युवा जेसीबी मशीन के फावड़े पर खड़े होकर अपने नेता के समर्थन में नारेबाजी करते नजर आ रहे हैं।वायरल तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि कुछ युवा जेसीबी के फावड़े पर खड़े हैं, जो न केवल असुरक्षित है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। इस दौरान न तो कोई सुरक्षा उपकरण इस्तेमाल किया गया और न ही किसी नियम का पालन किया गया। यह घटना न सिर्फ लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि यह भी सवाल उठाती है कि राजनीतिक प्रदर्शन के लिए युवाओं को इस तरह खतरनाक स्थिति में क्यों डाला गया?स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के स्टंट केवल अपने नेता को खुश करने और भीड़ जुटाने के लिए किए जा रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या नेताओं के लिए नारेबाजी और समर्थन जुटाने की कीमत किसी की जान हो सकती है? केवल सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं, बल्कि प्रशासनिक नियमों को भी ताक पर रखा गया। जेसीबी जैसी भारी मशीन का इस तरह दुरुपयोग न केवल खतरनाक है, बल्कि मशीन के उपयोग के लिए निर्धारित नियमों का भी उल्लंघन है। ऐसी गतिविधियों के लिए प्रशासन से अनुमति लेना आवश्यक होता है, लेकिन इस मामले में ऐसा कोई प्रयास नहीं किया गया।नाम न इस तरह की हरकते गैर-जिम्मेदाराना है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “राजनीति अपनी जगह है, लेकिन युवाओं की जान को खतरे में डालकर कौन सा संदेश देना चाहते हैं ये लोग? अगर कोई हादसा हो जाता, तो इसका जिम्मेदार कौन होता?
जेसीबी जैसी भारी मशीनों का उपयोग केवल निर्माण कार्यों के लिए किया जाना चाहिए, न कि इस तरह के खतरनाक प्रदर्शनों के लिए।
सुरक्षा उपकरणों का उपयोग और भीड़ प्रबंधन के लिए उचित इंतजाम करना आयोजकों की जिम्मेदारी है।राजनीतिक गतिविधियों के नाम पर लापरवाही है तो वही किस तरह कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए युवाओं की जान को जोखिम में डाल रहे हैं। प्रशासन को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। साथ ही, नेताओं और उनके समर्थकों को भी यह समझना होगा कि सत्ता और प्रभाव दिखाने का यह तरीका न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि जान भी जोखिम में डाल रहे हैं।
