Education news जबलपुर में 4 हजार की किताब 400 में, लेकिन बैतूल में 5000 तक पहुंची कीमत, कार्रवाई की मांग

जबलपुर में 4 हजार की किताब 400 में, लेकिन बैतूल में 5000 तक पहुंची कीमत, कार्रवाई की मांग

गोलू सोनी बोले- बैतूल में भी शिक्षा माफियाओं पर हो कार्रवाई, किताबों के दाम पहुंच रहे आसमान पर

बैतूल। जबलपुर में निजी स्कूलों की मनमानी पर हुई कार्रवाई के बाद अब बैतूल में भी शिक्षा माफियाओं पर शिकंजा कसने की मांग तेज हो रही है। सेवादल के बैतूल ब्लॉक अध्यक्ष गोलू सोनी ने भी प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि जबलपुर में 4000 रुपए की किताबें अब मात्र 400 रुपए में उपलब्ध हो रही हैं, लेकिन बैतूल में स्थिति जस की तस बनी हुई है। यहां छोटी-छोटी कक्षाओं की किताबों के लिए भी अभिभावकों को 5000 रुपए तक चुकाने पड़ रहे हैं।गोलू सोनी ने कहा कि निजी स्कूल संचालक मनमानी कर रहे हैं और प्रशासन पूरी तरह निष्क्रिय बैठा है। स्कूलों में अभिभावकों पर एक खास दुकान से किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव बनाया जाता है, जिससे उन्हें ऊंची कीमत चुकानी पड़ रही है। यह कमीशनखोरी का खेल लंबे समय से जारी है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।उन्होंने कहा कि जबलपुर में प्रशासन की सख्ती के बाद शिक्षा माफियाओं पर लगाम लगी और किताबों की कीमतें गिर गईं, लेकिन बैतूल में अब भी शिक्षा को व्यापार बना दिया गया है। यहां के अभिभावक आर्थिक बोझ से दबते जा रहे हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।गोलू सोनी ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने और किताबों के दाम नियंत्रित करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो अभिभावकों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।

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