Betul News:फर्जी हस्ताक्षर से हड़पी इंदौर निवासी महिला की जमीन, एसपी से शिकायत
फर्जी हस्ताक्षर से हड़पी इंदौर निवासी महिला की जमीन, एसपी से शिकायत
षड्यंत्र कर फर्जी दस्तावेज से किया जमीन पर कब्जा, दंडात्मक कार्रवाई की मांग

बैतूल। खंडवा मार्ग इंदौर निवासी एक महिला ने षड्यंत्र रचकर फर्जी हस्ताक्षर के आधार पर उनकी खेड़ी सांवलीगढ़ स्थित जमीन को हड़पने का गंभीर लगाते हुए एसपी से शिकायत की है। गौरतलब है कि जिनके खिलाफ शिकायत की गई है उनमें शहर के दो नामचीन वकील भी शामिल है।शिकायत में आरोप है कि अनावेदक गण ने आवेदिका सविता पति नवल किशोर सहित अन्य आवेदक गण के फर्जी हस्ताक्षर कर न्यायालय में पेश किए, जिसके चलते उनकी जमीन के हिस्से को राजीनामा कर अपने नाम करवाया गया।आवेदिका ने अनावेदक दिनेश गिरी, विनोद कुमार बडोनिया, दीपक पाल, कावरे और अभिषेक पिता दिनेश भारती के खिलाफ कुट रचना करने और न्यायालय को गुमराह करने के आरोप लगाए है। शिकायत के अनुसार, अनावेदक दिनेश भारती के पिता, यशवंत भारती के नाम ग्राम खेड़ी सावलीगड के खसरा क्रमांक 50/2 (रकबा 2.023 हेक्टेयर) और ग्राम अखतवाडा के खसरा क्रमांक 193/1 (रकबा 4.2049 हेक्टेयर) की कृषि भूमि थी। यशवंत भारती की मृत्यु के बाद, इस भूमि पर उनके सभी उत्तराधिकारियों का हक था। परंतु अनावेदक दिनेश गिरी ने षड्यंत्र पूर्वक इन भूमियों में आवेदक गण के हिस्से को खत्म करने के लिए फर्जी अंगूठा और हस्ताक्षर कराए, ताकि संपत्ति पर पूर्ण कब्जा किया जा सके शिकायतकर्ता का दावा है कि हाल ही में उन्हें जानकारी मिली कि उक्त भूमि में से उनके नाम हटा दिए गए हैं। इस पर छानबीन करने पर पता चला कि दिनेश गिरी ने अनावेदक क्रमांक 2, 3 और 4 के साथ मिलकर व्यवहार वाद क्रमांक 83A/2022 में आवेदक गण के फर्जी हस्ताक्षर और शपथ पत्र प्रस्तुत किए और उनकी जानकारी के बिना रजीनामा कर निर्णय पारित करा लिया गया। आरोप है कि संबंधित न्यायालय द्वारा अत्यंत लापरवाही बरती गई, क्योंकि आवेदक गण को बुलाना या बयान लेना उचित नहीं समझा गया, जिससे अनावेदक गण अपने मंसूबे में सफल हुए।पीड़िता ने आगे बताया कि अनावेदक दीपक पाल और प्रकाश कावरे ने उनकी जानकारी के बिना फर्जी हस्ताक्षर कर कुट रचित दस्तावेज़ तैयार किए। उन्होंने इस कृत्य को एक बड़े षड्यंत्र का हिस्सा बताया, जिसके सूत्रधार अनावेदक गण हैं। साथ ही, अनावेदक अभिषेक ने धमकी दी कि शिकायत की तो निपटा देंगे। सविता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि अनावेदक गण के खिलाफ जाली हस्ताक्षर करने, कुट रचना करने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और न्यायालय को गुमराह करने के आरोप में कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
