Betul News:मलाजपुर मेले में मिलावटी आइसक्रीम बेच कर श्रद्धालुओं और बच्चों की जान के साथ खिलवाड़
मलाजपुर मेले में मिलावटी आइसक्रीम बेच कर श्रद्धालुओं और बच्चों की जान के साथ खिलवाड़

पैसे की लालच के चलते आज के समय में लोग किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। इंसान की जान की कीमत भी कम होती जा रही है। इसका ताजा उदाहरण चिचोली के सट्टे ग्रामों में देखने को मिल रहा है। गुरु पूर्णिमा से शुरू हुए मलाजपुर मेले में हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं।गुरु पूर्णिमा से शुरू हुआ यह मेला धार्मिक आस्था का केंद्र है, जहां बड़ी संख्या में भक्त गुरु महाराज के दर्शन करने और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। मेले में छोटे बच्चों सहित महिलाओं और बुजुर्गों की भी अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है।मेले में खाने-पीने के सामान की दुकानों की भरमार है। तो कुछ लोगों द्वारा मिलावटी आइसक्रीम बेचे जाने का मामला सामने आया है वही मेले में आए जागरूक युवक ने मिलावटी आइसक्रीम बेचे जाने पर विरोध जताया और कहा जब में अपने बेटे के लिए आइसक्रीम लेने लगा,जब मैं आइसक्रीम बनाने की डेट और एक्सपायरी डेट देखी तो उसमें ना आइसक्रीम बनाने की तारीख लिखी थी ना ही एक्सपायरी डेट तब कहीं मुझे शक हुआ और मैंने आइसक्रीम बेचने वाले से पूछा तो उसके द्वारा कहा गया कि यह आइसक्रीम ग्राम में ही बनाई जा रही है और यहां मेले में बेची जा रही है।

सस्ती कीमतों पर बिकने वाली इन आइसक्रीम में घटिया गुणवत्ता वाले पदार्थों का इस्तेमाल हो रहा है, जो लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक है।मेले में बिकने वाली इन मिलावटी आइसक्रीम का सेवन करने वाले छोटे बच्चों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इनमें इस्तेमाल किए जा रहे केमिकल्स और नकली सामग्री बच्चों के पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकती है।इस गंभीर मामले पर प्रशासन की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को मेले में बिकने वाले खाद्य उत्पादों की जांच करें और मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। साथ ही, व्यापारियों से भी अनुरोध है कि वे गुणवत्तापूर्ण सामग्री का ही उपयोग करें ताकि किसी की सेहत पर विपरीत प्रभाव न पड़े। मलाजपुर मेले जैसे धार्मिक आयोजनों में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता बनाए रखना और प्रशासन की ओर से नियमित निगरानी करना आवश्यक है। मिलावटी आइसक्रीम जैसी घटनाएं धार्मिक आस्था के साथ-साथ जनता की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिन्ह लगाती हैं।
इनका कहना है
आप के मध्यम से जानकारी प्राप्त हुई है। मैं दिखा लेता हूं
संदीप पाटिल फूड इस्पेक्टर
