Betul News:बैतूल में बच्चा चोर गैंग की अफवाह: भ्रामक पोस्ट करने वालों पर कब कसेगा शिकंजा?

बैतूल में बच्चा चोर गैंग की अफवाह: भ्रामक पोस्ट करने वालों पर कब कसेगा शिकंजा?

बैतूल शहर में इन दिनों सोशल मीडिया पर बच्चा चोर गैंग के सक्रिय होने की भ्रामक खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं। कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अज्ञात लोगों की तस्वीरें अपलोड कर उन्हें बच्चा चोर गैंग का सदस्य बताया जा रहा है। इन पोस्ट्स के कारण शहर में भय और असमंजस का माहौल बनता दिख रहा है।हालांकि जब इस मामले की अनोखा सच न्यूज द्वारा पड़ताल की गई तो ऐसा कोई सत्यापित मामला सामने नहीं आया, जिससे यह साबित हो सके कि बैतूल में कोई बच्चा चोर गिरोह सक्रिय है। स्थानीय स्तर पर न तो किसी थाने में इस तरह की आधिकारिक शिकायत दर्ज हुई है और न ही पुलिस की ओर से ऐसी कोई पुष्टि की गई है।

भ्रमित खबरें चलाने वाले सोशल मीडिया अकाउंट पर इंदौर में हो चुकी कारवाई बैतूल में कब होगी!

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इससे पहले इंदौर में भी इसी प्रकार के भ्रामक वीडियो और पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। वहां पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की थी। पुलिस का कहना था कि बिना तथ्य जांचे इस तरह की पोस्ट साझा करना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि दंडनीय अपराध भी हो सकता है। वैसे पुलिस कि कार्यप्रणाली को देखते हुए सवाल उठना लाजिमी है कि बैतूल में फैल रही इन अफवाहों पर पुलिस कब सख्ती दिखाएगी? शहर के जागरूक नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई नहीं की गई तो स्थिति बिगड़ सकती है और निर्दोष लोगों को सामाजिक अपमान या भीड़ के संदेह का शिकार होना पड़ सकता है।आईटी एक्ट और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अफवाह फैलाना, समाज में भय या वैमनस्य पैदा करना, और किसी व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचाना अपराध की श्रेणी में आ सकता है।

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साइबर सेल ऐसे मामलों में पोस्ट की जांच कर अकाउंट धारकों की पहचान कर सकती है।वैसे तो अनोखा सच न्यूज पुलिस से अपील करता है कि पुलिस प्रशासन को स्वयं संज्ञान लेकर भ्रामक खबरें फैलाने वाले अकाउंट्स की जांच करनी चाहिए। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की जा रही है कि बिना पुष्टि किसी भी फोटो, वीडियो या संदेश को आगे न बढ़ाएं।

नोट: यदि आपके पास किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी हो तो सीधे स्थानीय पुलिस या साइबर सेल को सूचित करें, अफवाहों पर विश्वास न करें।

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