Betul News:आवासीय विद्यालयों में पदस्थ अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्त एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय अतिथि शिक्षक संघ ने कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन
आवासीय विद्यालयों में पदस्थ अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्त एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय अतिथि शिक्षक संघ ने कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन
एमपी सरस भोपाल ने 1 अप्रैल से समाप्त की अतिथि शिक्षकों की सेवा

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बैतूल। सरकार आदिवासियों के लिए अच्छी शिक्षा व्यवस्था के दावे कर रही तो वहीं दूसरी ओर हकीकत इसके उलट है। आदिवासियों के लिए खोले गए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की स्थिति चिंताजनक है। 1 अप्रैल से विशिष्ट विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों की सेवा एमपी सरस भोपाल द्वारा समाप्त कर दी गई है। जिससे बच्चों के शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से बाधित है। इस संबंध में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय अतिथि शिक्षक संघ मध्य प्रदेश के प्रतिनिधि मंडल ने एमपी सरस भोपाल कमिश्नर को अभी तक देख कर उचित कार्यवाही करने का आग्रह किया है।
संगठन के अध्यक्ष विजय आकोले ने बताया कि बैतूल जिले के शाहपुर, भैंसदेही, चिचोली के आवासीय विद्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी बैतूल के अंडर संचालित है। एकलव्य विद्यालय में अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्त होने से आदिवासी बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी। हाल ही में शिक्षक नहीं होने के कारण विद्यालय संचालित होने के बावजूद बच्चे अपने-अपने घर जा रहे हैं। उन्होंने बताया प्रतिनिधि मंडल एमपी सरस भोपाल कमिश्नर कार्यालय पहुंचा तो उन्होंने नेस्ट्स (NESTS) दिल्ली में मामला विचाराधीन बताकर अपना पल्ला झाड़ दिया। उन्होंने बताया जिले में अभी भी शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह से बाधित है।एकलव्य विद्यालय भैंसदेही में 17 अतिथि शिक्षक और 3 रेगुलर शिक्षक कार्यरत हैं। चिचोली में 10 अतिथि शिक्षक 6 रेगुलर शिक्षक। अप्रैल माह में अतिथि शिक्षकों की सेवाएं नहीं ली जाती है तो आदिवासी बच्चे शिक्षा से वंचित होंगे। गौरतलब है प्रदेशभर के इन विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों के भरोसे पढ़ाई चल रही थी लेकिन एमपीसरस ने 1 अप्रैल से अतिथि शिक्षकों को सेवा मुक्त कर दिया है। इस कारण यहां परेशानियां शुरू हो गई हैं। जबकि राजस्थान स्टेट एकलव्य मॉडल रेसिडेंशियल स्कूल सोसायटी ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में पहले से पढ़ा रहे शिक्षकों की सेवाएं आगे बढ़ा दी हैं। इससे यहां नियमित पढ़ाई शुरू हो गई है।
