Betul breaking:बैतूल जिला चिकित्सालय में बिजली गुल, डॉक्टरों ने मोबाइल टॉर्च से किया ऑपरेशन
बैतूल जिला चिकित्सालय में बिजली गुल, डॉक्टरों ने मोबाइल टॉर्च से किया ऑपरेशन

बैतूल: हमेशा विवादों में घिरे रहने वाला बैतूल जिला चिकित्सालय एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। जहा शनिवार को लगभग 8 बजे के जिला अस्पताल में अचानक बिजली बंद हो गई जहा पर डॉक्टर ने मोबाइल के टॉर्च से ऑपरेशन किया गया जहा बैतूल कलैक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के निरंतर प्रयासों के बावजूद, अस्पताल में अव्यवस्थाओं का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा। कलेक्टर सूर्यवंशी खुद कई बार अस्पताल का औचक निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद आज भी व्यवस्थाओं में खामियां देखने को मिल रही हैं। हाल ही में अस्पताल में एक गंभीर घटना घटी जब ऑपरेशन थिएटर में अचानक बिजली गुल हो गई। उस समय वहां डॉक्टर रंजीत राठौर हर्निया का ऑपरेशन कर रहे थे, जबकि डॉक्टर रघुवंशी एक गर्भवती महिला का सीजर ऑपरेशन कर रही थीं। बिजली चले जाने की स्थिति में, दोनों डॉक्टरों ने अपनी सूझबूझ का परिचय दिया और मोबाइल के टॉर्च की मदद से ऑपरेशन पूरा किया। यह एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला था, जिसमें समय पर कदम नहीं उठाने पर मरीजों की जान भी जा सकती थी।इस घटना ने जिला चिकित्सालय की लचर व्यवस्थाओं को उजागर किया है। सवाल यह उठता है कि इतने महत्वपूर्ण और बड़े अस्पताल में इस प्रकार की समस्याएं बार-बार क्यों उत्पन्न हो रही हैं? क्या अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बनती कि वे इस प्रकार की आकस्मिक स्थितियों से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम करें?सिविल सर्जन डॉक्टर अशोक बारंगा से बात करने पर उन्होंने बताया कि, “हां, बिजली चली गई थी, और बाद में जनरेटर चालू किया गया। अस्पताल में ऐसा कोई ऑटोमेटिक सिस्टम नहीं है जो बिजली जाते ही जनरेटर चालू कर सके।”इस घटना ने एक बार फिर से अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर कब तक मरीजों और डॉक्टरों को इस प्रकार की समस्याओं से जूझना पड़ेगा?
