Justice Journey:बैतूल जिले की पत्रकारिता को पत्रकार पिता पुत्र से कलंकित होने से बचाने पत्रकार राहुल नागले चप्पल व अन्न त्याग कर निकले पैदल भोपाल
बैतूल जिले की पत्रकारिता को पत्रकार पिता पुत्र से कलंकित होने से बचाने पत्रकार राहुल नागले चप्पल व अन्न त्याग कर निकले पैदल भोपाल

बैतूल जिले में काफी लंबे समय से ब्लैकमेलिंग कर अधिकारियों और कर्मचारियों सहित नागरिकों को परेशान करने वाले पत्रकार रामकिशोर पवार एवं उनके पुत्र मोहित पवार के खिलाफ बैतूल के युवा दलित पत्रकार राहुल नागले ने शख्त कदम उठा लिया है काफी दिनों से राहुल नागले सहित अन्य पत्रकार बैतूल जिले की पत्रकारिता को कलंकित होने से बचाने के लिए शासन प्रशासन को आवेदन निवेदन करते आ रहे हैं परंतु शासन प्रशासन द्वारा दोनों पिता पुत्र पत्रकारों पर किसी भी प्रकार का सख्त कार्रवाई नहीं कर रही है जबकि रामकिशोर दयाराम पवार रौंठा वाले के ऊपर कई वर्षों से काफी मामले विभिन्न थानों में दर्ज है उसके बावजूद भी उसके ऊपर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने से फर्जी मुकदमे और प्रशासन के उदासीन रवैया से परेशान दलित पत्रकार आज अन्न व नंगें पैर बैतूल से भोपाल तक न्याय पद यात्रा के लिए निकल पड़े संघर्षील एवं युवा पत्रकार ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताएं कि आज भी हमारे देश में उच नीच की राजनीति किस तरह से हो रही है उसका जीता जागता उदाहरण बैतूल में देखने को मिल रहा है जहां एक दलित पत्रकार के साथ की गई मारपीट और फर्जी मुकदमे दर्ज कराने से आहत पत्रकार द्वारा मुख्यमंत्री से न्याय मांगने बैतूल से भोपाल तक न्याय पद यात्रा निकाली गई।पीड़ित दलित पत्रकार का आरोप है कि उसके साथ अपने आप को अधिमान्य पत्रकार बताने वाले पिता पुत्र द्वारा मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।रामकिशोर दयाराम पवार और उसके पुत्र मोहित पवार द्वारा उस पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराएं गए हैं,जबकि मोहित पवार ने उसके साथ मारपीट कर गंदी गंदी जाति सूचक गलियां दी जिसका उसके पास प्रमाण है।स्थानीय प्रशासन के आला अधिकारियों का उसे सहयोग मिल रहा है फिर भी किसी के दबाव में उसके साथ पक्षपात किया जा रहा है।
जिसके चलते आज भारत के संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर को माल्यार्पण कर अन्न त्याग कर नंगे पैर। ज़िले की पत्रकारिता ओर अपने ऊपर हुए जुल्म और अत्याचार के खिलाफ न्याय पद यात्रा प्रारंभ की गई जो भोपाल सीएम हाउस में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर समाप्त होंगी।
राहुल नागले का यह भी कहना है कि उसके साथ पिता पुत्र पत्रकारों द्वारा मारपीट कर फर्जी मुकदमे दर्ज कराएं गए एवम उसे मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है जिससे आहत होकर यह कदम उठाया है।
