Betul News:दो बूंद जिंदगी पोलियो के नहीं अब दो बूंद जिंदगी शराब !

दो बूंद जिंदगी पोलियो के नहीं अब दो बूंद जिंदगी शराब !

बैतूल। भारत सरकार का नारा हर किसी को पता है जहां छोटे बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्र से लेकर दूर दराज ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाया जाता है जब भारत में पोलियो की व्यापकता अधिक थी, इसलिए 1994 में डॉ. हर्षवर्धन के नेतृत्व में पल्स पोलियो अभियान शुरू किया गया। अभियान का नारा, दो बूंद जिंदगी की पोलियो टीकाकरण की सरलता और आवश्यकता पर जोर देता है। जिसका नाम दो बूंद जिंदगी की पोलियो और बच्चों को रखे सुरक्षित लेकिनी अब बैतूल जिले में इसका नारा उल्टा लगना चाहिए क्यों कि राजेंद वार्ड में शराब दुकान के बाजू में आंगनबाड़ी जो खुली है। शराब दुकान तो पुरानी है उसको कैसे हटाए इस लिए बैतूल प्रशासन से अनुरोध है कि उस आंगनबाड़ी को ही हटा दिया जाए साहब जिसकी वजह से सुरा प्रेमियों और रसूख शराब ठेकेदार को उन बच्चों की आवाज से तकलीफ होती है क्योंकि वहां छोटे-छोटे बच्चे खेलने पढ़ने और गर्भवती महिलाओं के आने से शराब नहीं बेच पा रहे। इतना महंगा ठेका लिया है जिसकी भरपाई कैसे होगी! रसूख इतना की अब तो अधिकारी भी कहने लगे हैं शराब दुकान सही जगह खुली है आंगनवाड़ी केंद्र गलत है!

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