कडी मेहनत और लगन से गरीब परिवार के भाई-बहन ने रचा इतिहास।

पेशे से ऑटो चालक के बच्चों ने एमबीबीएस के बाद नीट पीजी में अच्‍छे पर्सेंटाईल लाकर लिया पीजी में प्रवेश

कडी मेहनत और लगन से गरीब परिवार के भाई-बहन ने रचा इतिहास।

पेशे से ऑटो चालक के बच्चों ने एमबीबीएस के बाद नीट पीजी में अच्‍छे पर्सेंटाईल लाकर लिया पीजी में प्रवेश

आर्थिक तंगियों को मात देकर भी जिले के दो भाई-बहनों ने एमबीबीएस की पढाई पूरी की और अब नीट पीजी की परीक्षा भी अच्‍छे अंको के साथ उत्‍तीण कर अन्‍य युवाओं के सामने उदाहरण प्रस्‍तुत किया है। बात बैतूल जिले के ग्राम सोहागपुर निवासी श्री गुलाबराव बर्डे तथा श्रीमती प्रभा बर्डे की पुत्री कुमारी वंदाना तथा पुत्र लोकेश की है जिन्‍होने परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति तथा अन्‍य सामाजिक चुनौतियों का सामना करते हुए आज यह मुकाम हासिल किया है। ऑटो चलाकर अपना जीवनयापन करने वाले पिता श्री गुलाबराव अपने दोनो बच्‍चों के मन में शिक्षा के प्रति लगन देख उन्‍हे अच्‍छा पढालिखाकर कुछ बनाना चाहते थे परन्‍तु आर्थिक तंगी उन्‍हे अपने दोनो बच्‍चों के लिये नीटी की मंहगी कोचिंग देने के रास्‍ते में रोडा बन रही थी। किसी प्रकार उनहोने अपनी बिटिया कुमारी वंदना नीट यूजी की कोचिंग की व्‍यवस्‍था की। वंदना नीट की कोचिंग जाती तथा वापस आकर अपने भाई को उन्‍ही नोट्स के सहारे घर पर ही पढाती थी। दोनो की दिन-रात की मेहनत का ही परिणाम रहा कि बहन के बाद भाई ने भी नीट यूजी क्रेक कर एमबीबीएस की पढाई पूरी कर ली। पढाई के बाद ईंटर्नशिप के दौरान दोनो भाई-बहनों ने मेहनत से मुंह नहीं मोडा और नीट-पीजी की तैयारी करते रहे। NEET PG के घोषित परिणामों में कुमारी वंदना ने पूरे देश में प्रथम 3500 में स्थान बनाया वहीं उनके भाई लोकेश ने 14500 वा स्थान पाया है। दोनो ही भाई-बहनों का अपने पहले ही प्रयास में अच्‍छे पर्सेंटाईल के साथ नीट पीजी क्रेक करना परिवार के साथ-साथ उनके पैतृक गांव तथा बैतूल जिले के लिये भी गौरव की बात है साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे क्षेत्र के हजारों छात्र-छात्राओं के लिये आदर्श उदाहरण है।

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