Betul News:मां ताप्ती की चुनरी पद यात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
पूर्व विधायक निलय डागा के नेतृत्व में ताप्ती चुनरी यात्रा का भव्य आयोजन
मां ताप्ती की चुनरी पद यात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
पूर्व विधायक निलय डागा के नेतृत्व में ताप्ती चुनरी यात्रा का भव्य आयोजन

बैतूल। कार्तिक पूर्णिमा के शुभ अवसर पर पूर्व विधायक निलय विनोद डागा और उनकी पत्नी श्रीमती दीपाली निलय डागा के नेतृत्व में आयोजित 8वीं ताप्ती चुनरी पद यात्रा में श्रद्धा और आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। किसानों और गरीब वर्ग की समृद्धि की कामना के लिए आयोजित इस धार्मिक यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।चुनरी पद यात्रा की शुरुआत 15 नवंबर को प्रातः 7 बजे बैतूल के लल्ली चौक स्थित प्राचीन शिव मंदिर में पूजन-अर्चन के साथ हुई। यह यात्रा थाना चौक, टिकारी अखाड़ा चौक, कारगिल चौक, सदर, ग्राम धनोरा, भडूस, महदगांव, डहरगांव और खेडी गांव से होते हुए दोपहर 3 बजे ताप्ती घाट पहुंची। ताप्ती घाट पर सूर्यपुत्री और जीवनदायिनी मां ताप्ती को चुनरी अर्पित की गई। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।यात्रा के दौरान श्रद्धालु जय माता ताप्ती के जयकारे लगाते हुए उत्साह के साथ नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे। यात्रा में डीजे की धुन ने माहौल को और अधिक भव्य बना दिया। श्रद्धालुओं का जोश देखते ही बनता था। निलय डागा ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य मां ताप्ती की महिमा का प्रचार-प्रसार करना और क्षेत्र के किसानों एवं गरीब वर्ग की खुशहाली के लिए प्रार्थना करना है। उन्होंने 11 वर्षों तक यह यात्रा आयोजित करने का संकल्प लिया है। पिछले 7 वर्षों से श्री डागा और श्रीमती दीपाली डागा इस यात्रा का सफलतापूर्वक आयोजन कर रहे हैं। आज यह यात्रा बैतूल जिले के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल हो चुकी है।
महिलाओं और युवाओं की विशेष भागीदारी

इस यात्रा में महिलाओं, युवाओं और किसानों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिली। श्रद्धालु ताप्ती घाट पर चुनरी अर्पित कर मां ताप्ती का आशीर्वाद लेने पहुंचे।पूर्व विधायक निलय डागा और श्रीमती दीपाली डागा ने यात्रा में भाग लेने वाले समस्त श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया और इस आयोजन को उनकी आस्था और सहयोग का परिणाम बताया। ताप्ती चुनरी पद यात्रा, श्रद्धा, आस्था और क्षेत्रीय समृद्धि के लिए प्रार्थना का प्रतीक बन चुकी है। चुनरी यात्रा में प्रमुख रूप से श्रद्धालु लोकेश पगारिया, बबलू वाघमारे, अजाबराव झरबडे, डैनी भावसार, डब्बू जैन, आशीष राठौर, जय सोनी, डॉ विनय चौहान, बब्बा राठौर, मोनू बडोनिया, प्रशांत राजपूत, तिलक गोरिया, गब्बर गोचरे, नारायण सरले, यतींद्र सोनी, भाऊराव धोटे, राजकुमार दीवान, करण राजपूत, धरमूसिंह, संजय मसतकर, पिंकी तिवारी, महेंद्र पंडोले, डॉ ज्ञानदेव माथनकर, प्रमोद खंडवे, अंशुल गर्ग, गिरीश झाम, गोविंद साहू सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
200 जगह हुआ चुनरी पद यात्रा का भव्य स्वागत, श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम
बैतूल जिला मुख्यालय से मां ताप्ती घाट तक लगभग 200 स्थानों पर चुनरी पद यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न स्थानों पर स्वल्पाहार और जलपान की विशेष व्यवस्था की गई थी। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का सम्मान किया गया। गांव-गांव में श्रद्धालुओं का जोश और उत्साह देखने लायक था। यात्रा के स्वागत में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने भाग लिया। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समर्पण का अनूठा उदाहरण बना।
