Cheating News:दस लाख की जमा पूंजी डूबने के बाद पीड़ित ने खोली फर्जी निवेश कंपनी की पोल, एसपी से की शिकायत
ब्याज का झांसा देकर मध्य प्रदेश के निवेशकों से लगभग 35 करोड़ की ठगी
दस लाख की जमा पूंजी डूबने के बाद पीड़ित ने खोली फर्जी निवेश कंपनी की पोल, एसपी से की शिकायत
ब्याज का झांसा देकर मध्य प्रदेश के निवेशकों से लगभग 35 करोड़ की ठगी

बैतूल। बातें थी ऊंचे मुनाफे की, वादे थे रकम दोगुनी करने के, भरोसा था चमचमाते दफ्तरों और मोटिवेशनल भाषणों का… लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली। निवेशकों के अरमान तब चकनाचूर हो गए जब पता चला कि जिन लोगों को उन्होंने अपना खून-पसीने का पैसा सौंपा था, वे सालों से फरार हैं। बैतूल से लेकर नागपुर तक फैले इस जालसाज गिरोह ने सैकड़ों मासूमों को सपनों का सब्जबाग दिखाकर करोड़ों रुपये हड़प लिए। चिट फंड कंपनी के इस रैकेट में बैतूल जिले के भोले भाले निवेशक भी रकम दोगुनी करने के लालच में भी फस गए हैं। नागपुर में पहले से दर्ज मुकदमों और अब मध्यप्रदेश से जुड़ी शिकायतों के बाद कंपनी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।जिले के ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े हरीप्रसाद सरले राम नारायण बिजवे सहित अन्य निवेशकों ने लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में नागपुर की जनसेवा निधि लिमिटेड और एजीएम कॉर्पोरेशन और उसके संचालकों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक बैतूल से शिकायत की है। शिकायत में बताया गया कि कंपनी के डायरेक्टर्स और सहयोगियों ने फर्जी मार्केटिंग योजनाओं के जरिए झूठे मुनाफे का प्रलोभन देकर आवेदक सहित सैकड़ों लोगों से लाखों रुपये निवेश करवा लिए और बाद में मैच्योरिटी पर भुगतान से मुकर गए।
झूठे वादे कर निवेश के लिए किया प्रेरित
शिकायतकर्ता हरीप्रसाद सरले निवासी ग्राम दनोरा ने बताया कि वर्ष 2018 में बैतूल जिले में एक बैठक के दौरान एजीएम कॉर्पोरेशन कंपनी के डायरेक्टर्स द्वारा डिजिटल एलईडी होर्डिंग और अन्य योजनाओं में निवेश का झांसा दिया गया था। उक्त मीटिंग में उनके साथ ग्राम तोरणवाड़ा तहसील आमला निवासी राम नारायण बिजवे सहित कई निवेशक शामिल थे। आरोपीगण ने मार्केटिंग कंपनी सक्सेस लाइफ मल्टीपल प्रोजेक्ट और बाद में जनसेवा निधि लिमिटेड कंपनी की विभिन्न योजनाओं का प्रचार कर निवेश के एवज में लाभांश और समय पर मैच्योरिटी का भुगतान करने का वादा किया।आवेदक ने बताया कि आरोपीगण में प्रमुख रूप से शामिल सुशील कोल्हे, पंकज कोल्हे, अजय लघवे, भरत साहू, रविन्द्रलाल आर्या, दिनेश कुमार टेकाम और वासुदेव वाघमारे ने विभिन्न पदों पर रहते हुए लोगों को झूठे वादे कर निवेश के लिए प्रेरित किया।आवेदक हरीप्रसाद सरले ने कंपनी में कुल 10 लाख 60 हजार रुपये की पूंजी निवेश की थी। इसके बदले एजीएम कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर पंकज कोल्हे ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, शाखा जरीपटका, नागपुर से 19.61 लाख रुपये का चेक 16 सितंबर 2020 को दिया। परंतु जब आवेदक ने उक्त चेक को बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा बडोरा बैतूल में भुगतान हेतु प्रस्तुत किया तो वह 22 सितंबर 2020 को फंड्स इंसफिशिएंट की टीप के साथ बाउंस हो गया।
गरीब किसान, महिलाएं और आम नागरिक बुरी तरह हुए प्रभावित
आवेदक ने बताया कि उसके अधिवक्ता द्वारा दिनांक 08 अक्टूबर 2020 को रजिस्टर्ड नोटिस भेजा गया, जिसे आरोपी ने लेने से मना कर दिया। बाद में यह नोटिस 24 अक्टूबर 2020 को वापस आ गया। इसके पश्चात 11 अक्टूबर 2022 को नागपुर पुलिस आयुक्त कार्यालय द्वारा जनसेवा निधि लिमिटेड और एजीएम कॉर्पोरेशन के विरुद्ध आर्थिक अपराध शाखा में एफआईआर दर्ज करने की सूचना जारी की गई, जिसके बाद आवेदक और अन्य पीड़ित निवेशकों ने 15 अक्टूबर 2022 को नागपुर पहुंचकर पुलिस को सभी दस्तावेज प्रस्तुत किए।हरीप्रसाद सरले का आरोप है कि इतने गंभीर आर्थिक अपराध के बावजूद आज तक आरोपीगण के विरुद्ध कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। आरोपी कंपनी की ठगी के चलते गरीब किसान, महिलाएं और आम नागरिक बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। कुछ निवेशकों ने मानसिक तनाव में आत्महत्या तक कर ली।शिकायत में यह भी मांग की गई है कि कंपनी और आरोपीगण की चल-अचल संपत्ति, बैंक खाते अटैच किए जाएं और उनके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468 सहित भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4), 336(4), 338 के तहत मामला पंजीबद्ध किया जाए। शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि आरोपीगण को तत्काल गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कठोरतम सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई और व्यक्ति इस तरह की ठगी का शिकार न हो।
