Doctors Day Special: चिकित्सकीय सेवा के साथ-साथ प्रताडि़त पुरुषों की आवाज बने डॉ गोहे दम्पत्ति

डॉ संदीप गोहे ने पत्नी के साथ शुरु किया सेव इंडियन फैमेली अभियान

डॉक्टर्स डे विशेष चिकित्सकीय सेवा के साथ-साथ प्रताडि़त पुरुषों की आवाज बने डॉ गोहे दम्पत्ति

डॉ संदीप गोहे ने पत्नी के साथ शुरु किया सेव इंडियन फैमेली अभियान

सही मायने में डॉक्टर वहीं है जो मरीज की बीमारी को पकड़ कर उसका जल्द से जल्द उपचार कर मरीज को तमाम तकलीफों से मुक्ति दे। शारीरिक और मानसिक विकृति मनुष्य और समाज को खोखला बनाती है, इसलिए इस डॉक्टर दम्पत्ति ने लोगों को स्वस्थ रखने के लिए डॉक्टरी का पेशा चुना और समाज को विकृति से बचाने के लिए समाज सेवा का। हम बात कर रहे है डॉ संदीप गोहे की। डॉ गोहे एवं उनकी धर्मपत्नी डॉ भारती गोहे चिकित्सा के साथ-साथ सेव इंडियन फैमेली संगठन के माध्यम से समाज सेवा में भी जुटे हुए है। यह दम्पत्ति खासतौर से समाज में महिलाओं से प्रताडि़त पुरुषों की आवाज बनकर उन्हें न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।डॉ संदीप गोहे का जन्म सारणी में हुआ इनके पिता श्री इंदल गोहे सारणी थर्मल पॉवर स्टेशन में पदस्थ रहे। डॉ संदीप की प्रारंभिक शिक्षा सारणी में तथा उच्च शिक्षा भोपाल से हुई और यहीं उन्होंने बीएचएमएस की डिग्रकी प्राप्त करने के बाद विभिन्न अस्पतालों में सेवाएं दी। चिकित्सकीय पेशे के साथ-साथ एम ए साइकोलॉजी किया और विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर भी काम करने लगे। पिछले कुछ वर्षों से डॉ गोहे बच्चे के हेल्थ और मानसिक विकास, महिलाओं पर होने वाले अत्याचार और प्रताडऩा, पर काम किया और उनकी काउंसलिंग भी की। इसी दौरान उन्होंने महसूस किया कि समाज में सिर्फ महिलाएं ही नहीं पुरुष भी प्रताडऩा का शिकार हो रहे है। पुरुषों को कभी पत्नी, कभी प्रेमिका तो कभी करीबी रिश्तेदार झूठे केस लगाते है और वे झूठे आरोपों की वजह से गंभीर अपराधियों की तरह सजा पाते है। उनके लिए न तो कोई कानून है और न कोई अधिकार। विगत 13 वर्षों से डॉ गोहे ने पुरुषों के विरुद्ध बढ़ रहे झूठे अपराधों परकाम करना शुरु किया। डॉ गोहे बताते है कि बैतूल जिले में भी मेट्रो सिटी की तरह ही पुरुषों को झूठे प्रकरणों में फसाया जा रहा है। झूठे प्रकरणों की वजह से सामाजिक मानहानि से आहत होकर पुरुष आत्महत्या तक करने विवश हो रहे है। डॉ गोहे जिले में भी ऐसे प्रताडि़त और पीडि़त पुरुषों की काउंसिंग कर उन्हें कानूनी एवं भावनात्मक एवं मानसिक रुप से लडऩे के लिए हौसला दे रहे है। पिछले पांच वर्षों से बैतूल में डॉ गोहे द्वारा एसआईएफ के माध्यम से विभिन्न जागरुकता कार्यक्रम भी किए जा रहे है।

डॉ संदीप के हर कदम की साथी डॉ भारती

डॉ संदीप गोहे की पत्नी भारती गोहे मूलत: छिंदवाड़ा निवासी है। उन्होंने अरविदों मेडिकल कॉलेज इंदौर से बीपीटी किया और जबलपुर मेडिकल सांईस यूनिवर्सिटी से एमपीटी (मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी इन आर्थो) कर इंदौर के कई अस्पतालों में अपनी सेवाएं दी। भोपाल के एनएचएम में भी उन्होंने कार्य किया। वर्तमान में वे आरएनटीयू यूनिवर्सिटी भोपाल में सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत है। भोपाल एवं मुलताई में वे अपना क्लीनिक संचालित करने के साथ-साथ पति के साथ सामाजिक कार्यों में भी हर कदम पर साथ होती है।

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