Betul News:भीमसेना प्रदेश प्रभारी पर झूठे मुकदमे का आरोप, विभिन्न राजनीतिक दलों ने किया उग्र प्रदर्शन
भीमसेना प्रदेश प्रभारी पर झूठे मुकदमे का आरोप, विभिन्न राजनीतिक दलों ने किया उग्र प्रदर्शन
पंकज अतुलकर के समर्थन में बसपा समेत कई दल उतरे सड़कों पर

बैतूल। भीमसेना प्रदेश प्रभारी पंकज अतुलकर के समर्थन में बसपा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों ने एसपी कार्यालय के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ों लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान महामहिम राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें पंकज अतुलकर के खिलाफ दर्ज मुकदमे को झूठा बताते हुए तत्काल प्रभाव से खात्मा करने की मांग की गई।भीमसेना के नेता पंकज अतुलकर और उनके सहयोगी वर्षों से समाज सेवा के कार्यों में जुटे हैं। उन्होंने अनुसूचित जाति और जनजाति के आर्थिक शोषण के खिलाफ आवाज उठाई, जिससे प्रभावित होकर कई गरीब परिवारों को न्याय दिलाने का प्रयास किया। पंकज अतुलकर ने भूमाफियाओं के खिलाफ अभियान छेड़ा था, जिसमें आरोप है कि भू-माफियाओं ने अनुसूचित जाति और जनजाति के अशिक्षित परिवारों को धोखा देकर उनकी जमीन हड़प ली। इस मुद्दे को लेकर वह लगातार पुलिस अधीक्षक बैतूल निश्चल एन झरिया से चर्चा कर रहे थे।
सुनियोजित हमले का आरोप
पंकज अतुलकर पर हुए हमले को लेकर प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब भूमाफियाओं को यह पता चला कि उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है, तो उन्होंने एक साजिश रची। आरोप है कि एक महिला, उसके पुत्र और पति को आगे कर पंकज अतुलकर पर हमला करवाया गया। शेष भूमाफिया पास खड़े होकर वीडियो बनाते रहे। हमले के दौरान पंकज को कॉलर पकड़कर चप्पलों से मारा गया और जातिगत गालियां दी गईं। इसके बाद आरोपीगण उन्हें एसपी कार्यालय ले गए, जहां एसडीओपी और एडिशनल एसपी से मुलाकात के दौरान पंकज को थाना गंज जाने के लिए कहा गया। जब वह अगले दिन थाना गंज पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि उनके खिलाफ धारा 74, 396, 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
झूठे मुकदमे का आरोप
पंकज अतुलकर समर्थकों का कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। एफआईआर में उल्लेखित बयान खुद विरोधाभासी हैं। एक ओर आरोप लगाया गया कि पंकज 4 दिन पहले 5 लाख रुपये मांगने आया था, वहीं एफआईआर में लिखा गया है कि आरोपीगण ने कालेज चौक पर पूछताछ की कि “तुम में से पंकज कौन है?” इससे स्पष्ट होता है कि आरोपीगण पंकज को पहचानते ही नहीं थे, केवल उनका नाम जानते थे।
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार, पंकज पर दर्ज सभी मामलों में वह न्यायालय से दोषमुक्त हो चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें अपराधी ठहराना निंदनीय है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि झूठे आरोपों के जरिए एक दलित नेता की छवि धूमिल करने की साजिश की जा रही है।
यह है चार प्रमुख मांगे
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन में चार प्रमुख मांगे रखीं:
पंकज अतुलकर के खिलाफ दर्ज प्रकरण 54/25 को तत्काल प्रभाव से खारिज किया जाए और निष्पक्ष जांच पूरी होने तक उनकी गिरफ्तारी न की जाए।
दलित नेता के साथ दुर्व्यवहार करने वाले आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और उनकी कॉल डिटेल की जांच कर साजिशकर्ताओं को आरोपी बनाया जाए।
पुलिस प्रेस नोट में उल्लेखित जिला बदर की कार्रवाई को स्थगित किया जाए।
आरोपी श्रद्धा राठौर और अन्य भू-माफियाओं द्वारा हड़पी गई जमीन को मुक्त करवाया जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रदेश स्तरीय आंदोलन किया जाएगा, जिसमें देशभर के दलित नेता शामिल होंगे। इस आंदोलन की जिम्मेदारी पूरी तरह शासन और प्रशासन की होगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, मानव अधिकार आयोग, भोपालको प्रेषित की गई।
