Cyber Crime:सरकार का बड़ा एक्शन: 6 लाख फोन नंबर बंद, 800 ऐप ब्लॉक

सरकार का बड़ा एक्शन: 6 लाख फोन नंबर बंद, 800 ऐप ब्लॉक

गृह मंत्रालय के अंतर्गत साइबर क्राइम के खिलाफ एक बड़े कदम के तहत, 6 लाख साइबर क्राइम से जुड़े फोन नंबर बंद किए गए हैं और 800 संदिग्ध ऐप्स को ब्लॉक किया गया है। यह कार्रवाई गृह मंत्रालय की साइबर विंग I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) द्वारा की गई है, जो साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए गठित एक राष्ट्रीय स्तर का समन्वय केंद्र है।

I4C विंग के बड़े कदम:

1.6 लाख फोन नंबर बंद: इन नंबरों का इस्तेमाल साइबर अपराधियों द्वारा धोखाधड़ी करने में किया जा रहा था।

2.800 ऐप्स ब्लॉक: साइबर फ्रॉड में शामिल इन ऐप्स को सुरक्षा के दृष्टिकोण से ब्लॉक कर दिया गया।

3.65,000 URLs ब्लॉक: साइबर अपराध में संलिप्त वेबसाइट्स और यूआरएल को ब्लॉक किया गया है, जिनका इस्तेमाल अपराधी धोखाधड़ी में कर रहे थे।

4.3.25 लाख म्यूल अकाउंट फ्रीज: पिछले 4 महीनों में साइबर अपराधियों के लगभग 3.25 लाख अकाउंट्स, जिन्हें म्यूल अकाउंट्स कहा जाता है, फ्रीज कर दिए गए हैं।

5.सोशल मीडिया पर कार्रवाई: 3400 से ज्यादा सोशल मीडिया अकाउंट्स और व्हाट्सएप ग्रुप्स को बंद कर दिया गया है, जो साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल हो रहे थे।

6.वित्तीय सुरक्षा: साइबर अपराधियों से 2800 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी रोकी गई है।

7.साइबर विक्टिम की सुरक्षा: गृह मंत्रालय का दावा है कि 8.5 लाख से अधिक लोगों को साइबर धोखाधड़ी से बचाया गया है। I4C की स्थापना 5 अक्टूबर 2018 को गृह मंत्रालय के साइबर और सूचना सुरक्षा विभाग (CIS Division) के तहत की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य एक समन्वित राष्ट्रीय तंत्र स्थापित करना है, जो साइबर अपराधों पर निगरानी रखे और राज्यों में बने कंट्रोल रूम से जुड़ा हो। इस केंद्र की मदद से हाई प्रायोरिटी वाले साइबर अपराधों की निगरानी की जाती है और इसके तहत साइबर क्राइम से संबंधित शिकायतों का निपटारा किया जाता है।I4C का मुख्य कार्य लोगों को साइबर अपराधों से बचाने के लिए जागरूकता फैलाना और डिजिटल सुरक्षा से संबंधित गाइडलाइंस जारी करना है। यह विंग राज्यों और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करता है और फर्जी डिजिटल प्लेटफार्मों की पहचान कर उनके खिलाफ कदम उठाता है।इस बड़े एक्शन से साइबर फ्रॉड से जुड़े अपराधों पर सरकार ने प्रभावी रूप से नकेल कसने का प्रयास किया है, और इससे भविष्य में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता और मजबूती बढ़ेगी।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.