Big Breaking News-: हनुमान जन्मोत्सव के जुलूस में. शराब दुकान हटाने के गूंजें नारे — बैतूल के राजेंद्र वार्ड में शराब दुकान के खिलाफ उबला जनाक्रोश
हनुमान जन्मोत्सव के जुलूस में. शराब दुकान हटाने के गूंजें नारे — बैतूल के राजेंद्र वार्ड में शराब दुकान के खिलाफ उबला जनाक्रोश

बैतूल। एक ओर पूरा बैतूल शहर हनुमान जन्मोत्सव के भक्ति और उल्लास में डूबा हुआ था, वहीं राजेंद्र वार्ड में जुलूस के बीच एक और ज्वाला धधक उठी यह थी स्थानीय जनता का शराब दुकान के खिलाफ गुस्सा, जो अब फूटकर सड़कों पर आ गया।हनुमान जयंती के पावन अवसर पर निकाले जा रहे जुलूस के दौरान, वार्डवासियों ने आंगनवाड़ी केंद्र के पास संचालित हो रही शराब दुकान को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान नारों की गूंज से क्षेत्र का माहौल गरमा गया। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
शराब दुकान बनी लोगों के लिए सिरदर्द
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आंगनवाड़ी केंद्र और रिहायशी क्षेत्र के बीच शराब दुकान होना बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है। लोगों ने आरोप लगाया कि शराबी दिनभर दुकान के सामने डेरा जमाए रहते हैं, जिससे मोहल्ले का माहौल भय और असुरक्षा से भर गया है।
स्थानीय निवासी गोविंद साहू ने कहा, “यह दुकान हमारे बच्चों की ज़िंदगी से खिलवाड़ कर रही है। हमने कई बार शिकायत की, आदेश भी जारी हुए, फिर भी दुकान जस की तस है। अब अगर प्रशासन नहीं सुनता तो हम उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।”
प्रशासनिक आदेश के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं
जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन ने पहले ही आदेश जारी किए थे कि आंगनवाड़ी, स्कूल और धार्मिक स्थलों के पास शराब दुकान संचालित नहीं की जा सकती। इसके बावजूद, यह दुकान अब तक उसी स्थान पर चालू है। वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि आबकारी विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर दुकान को अवैध रूप से चलने की अनुमति दी है।
उत्सव के बीच प्रशासन ने संभाली स्थिति
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम, तहसीलदार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाइश दी। उन्होंने हनुमान जन्मोत्सव को शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्वक संपन्न करने की अपील की और धरना समाप्त करवाया।हालांकि वार्डवासियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि दुकान को तत्काल नहीं हटाया गया, तो अगली बार आंदोलन और भी उग्र होगा।अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन जनता की इस जायज़ मांग को गंभीरता से लेगा या फिर वादों और आदेशों तक ही सीमित रहेगा? फिलहाल, राजेंद्र वार्ड के लोग एकजुट होकर सिर्फ एक आवाज़ बुलंद कर रहे हैं — “शराब दुकान हटाओ, मोहल्ला बचाओ!”
