Betul News:भाजपा सांसद डीडी उइके अपना पांच वर्ष का रिपोर्ट कार्ड जनता के समक्ष प्रस्तुत करे: कामरेड कुन्दन राजपाल
भाजपा सांसद डीडी उइके अपना पांच वर्ष का रिपोर्ट कार्ड जनता के समक्ष प्रस्तुत करे: कामरेड कुन्दन राजपाल

बैतूल। कामरेड कुन्दन राजपाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा चुनाव के प्रत्याशी सांसद डीडी उइके पूर्व में शिक्षक भी रह चुके है जिनकी पहचान एक ईमानदार व सरल लगनशील शिक्षक के रूप में थी। जब बैतूल हरदा लोकसभा सीट आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित हुई तब सांसद की उम्मीदवारी के सपने देखने लगे थे, भाजपा ने पूर्व सांसद ज्योति धुर्वे को मौका देकर दो बार सांसद बनने का मौका दिया, जिले का दुर्भाग्य रहा उन्होंने जिले की जनता के लिए कुछ नही किया। बैतूल जिला पहले से पिछडा था और आज भी है। हमारा पडोसी जिला छिंदवाड़ा को देखे तो वह विकास के मामलों में कहां से कहां पहुंच गया। पूर्व प्रधानमन्त्री इंदिरा गांधी कमलनाथ को बैतूल हरदा लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाना चाहती थी लेकिन बैतूल के तथाकथित नेताओं ने विरोध कर मौका गवां दिया नहीं तो बैतूल का नक्शा कुछ और होता, जिसके चलते बाहरी लोगों को मौका मिला। लगभग दो दशक पहले लोगों मे बाहरी नेताओं के प्रति आक्रोश के चलते भारतीय जनता पार्टी से स्थानीय उम्मीदवार के रूप पूर्व सांसद विजय कुमार खंडेलवाल को चुन कर संसद में भेजा था। वे लगातार चार बार के सांसद बनते हुए प्रदेश भाजपा के कोषाध्यक्ष भी रहे, उनके पुत्र हेमंत खंडेलवाल को भी सांसद बनाया, परंतु उन्होंने भी जिले के लिये कुछ नहीं किया। कभी संसद में जनता की आवाज को जनता से जुड़े मुद्दे को उठाते नही देखा गया। जिले में कोई बड़ा उद्योग नही लगवा पाए न ही जिले विकास करवा पाए । लेकिन अपना साम्राज्य स्थापित कर करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने में जरूर सफलता हासिल की गई। जिले की जनता को वर्तमान सांसद डीडी उइके से उम्मीद दिखाई दी लेकिन वे तो बिलकुल ही निष्क्रिय रहे। इन्होंने पांच वर्ष में कभी भी जिले के विकास के लिये तथा जनता से जुड़े मुद्दो को संसद में नहीं उठाया है। कभी भी जिले की जनता के दुख दर्द में सहभागी नही बने। जन समस्याओं को शासन प्रशासन के सामने उठाने का प्रयास नही किया। जिले की जनता को डीडी उइके ने निराश किया सिर्फ वे एक पिछलग्गू बन कर रह गए। फिर से अबकि बार भाजपा के उम्मीदवार के रूप घोषित हो गए लेकिन जिले की जनता में इनकी उम्मीदवारी से आक्रोश देखा जा रहा है। चर्चा है इन्हें फिर से क्यों चुने। जिले के युवा रोजगार की तलाश में बाहर जा रहे वहां भी ठीक से रोजगार उपलब्ध नही हो रहा। मंहगाई सर चढकर बोल रही है। जिले का एक मात्र रोजगार की उम्मीद सारनी स्थित थर्मल पावर, एमपीईबी भी लगभग उजडकर विरान हो गया। वहां असमाजिक तत्वों का बोल बाला है वहां की सरकारी सम्पत्ति को तबाह कर दिया गया है। एमपीईबी के आला अफसरों, पुलिस प्रशासन के संरक्षण में सरकारी सम्पत्ति को लुटकर बर्बाद किया गया और दूसरी तरफ डब्यूसीएल पाथाखेडा कोलमाइन्स था वह भी लगभग बंद के कगार पर है। भाजपा सरकार की उपेक्षा जिले सत्तारूढ नेताओं की उदासीनता के चलते जिले की जनता मे आक्रोश व्याप्त हैं। जिले की जनता वर्तमान सांसद डीडी उइके और भारतीय जनता पार्टी से पिछले पांच वर्ष के रिपोर्ट कार्ड जनता के समक्ष प्रस्तुत करने की मांग कर रहे है।
