chit fund scam:चिटफंड घोटाला: करोड़ों की ठगी कर फरार संतोष दास अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर

पोंजी स्कीम के नाम पर सैकड़ों लोगों को बनाया शिकार भोपाल, बैतूल और महाराष्ट्र में कई केस दर्ज

चिटफंड घोटाला: करोड़ों की ठगी कर फरार संतोष दास अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर

पोंजी स्कीम के नाम पर सैकड़ों लोगों को बनाया शिकार भोपाल, बैतूल और महाराष्ट्र में कई केस दर्ज

आरोप: ठगी से लोगों की बर्बादी और आत्महत्याओं के मामले जुड़े

बैतूल। पोंजी स्कीम चिटफंड घोटाले के आरोपी संतोष दास के खिलाफ वर्षों से कई मामले दर्ज होने के बावजूद पुलिस अब तक उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है। संतोष दास पर आरोप है कि उसने करोड़ों रुपये की ठगी की और कई लोगों की बर्बादी का कारण बना। पाथाखेड़ा के पूर्व पार्षद संतोष देशमुख और परमानंद बावरिया ने एसपी से इस मामले में शिकायत की है। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2013 में थाना सारणी में एफआईआर क्रमांक 292 धारा 420, 406, 120B के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद से वह फरार है। फरारी के दौरान भी उसने महाराष्ट्र के चंद्रपुर और औरंगाबाद में चिटफंड कंपनियां खोलकर लोगों को ठगना जारी रखा। वर्ष 2021-23 में भोपाल में अपने पुराने सहयोगियों की मदद से दोबारा ठगी की। इस मामले में भोपाल क्राइम ब्रांच ने एफआईआर क्रमांक 0011 धारा 409, 420, 120बी के तहत 12 जनवरी 2024 को मामला दर्ज किया।शिकायतकर्ताओं का कहना है कि संतोष दास ने पोंजी स्कीम के तहत 6 महीने में रकम दोगुनी करने का लालच देकर करोड़ों रुपये वसूले। जब निवेशकों को पैसा नहीं मिला, तो कई परिवार बर्बाद हो गए। कुछ पीड़ितों ने आर्थिक तंगी से आत्महत्या तक कर ली। शिकायत में बताया गया कि संतोष दास के सहयोगी शासकीय नौकरी में हैं और उनके पास आय से अधिक संपत्ति है। उनके खिलाफ भी क्राइम ब्रांच में शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पूर्व पार्षद संतोष देशमुख और परमानंद बावरिया ने एसपी से मांग की है कि फरार संतोष दास को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। साथ ही, उसके सहयोगियों की संपत्तियों की जांच कर ठगी पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए।

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