Youth Congress:यूथ कांग्रेस के चुनाव की धजिया उड़ाते पूर्व मंत्री!
यूथ कांग्रेस के चुनाव की धजिया उड़ाते पूर्व मंत्री!

बैतूल। जहां कांग्रेस पूरे प्रदेश में यूथ कांग्रेस के चुनाव को युवाओं से सीधा जुड़ाव बताकर “युद्ध कांग्रेस” अभियान चला रही है, वहीं ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। मुलताई विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें पूर्व मंत्री पर चुनाव की शुचिता को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप लगे हैं। मुलताई विधानसभा के पूर्व विधायक और मंत्री रह चुके कांग्रेस नेता पर आरोप है कि वे यूथ कांग्रेस के चुनाव में निजी हस्तक्षेप कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने विशाल को चुनाव लड़वाया है जिस पर गाय की हत्या के आरोप में जेल हो चुकी हो। चौंकाने वाली बात यह है कि यही युवक अब संगठन का चेहरा बनने की दौड़ में है। जो युवक भाजपा से आकर कांग्रेस में पूर्व मंत्री का खास बनकर रहता हो उसको आखिर सपोर्ट तो करेंगे ही ना चाहे फिर उसके लिए श्याम दण्ड भेद क्यों ना अपनाना पड़े इस लिए तो फर्जी वोटिंग करने से नहीं चूक रहे हैं इतना ही नहीं आरोप यह भी है कि फर्जी वोटिंग करने के लिए दबाव भी बनाया जा रहा है, जिससे निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वही स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। उनका कहना है कि यूथ कांग्रेस के चुनाव एक पारदर्शी लोकतांत्रिक प्रक्रिया होने चाहिए, लेकिन यहां व्यक्तिगत हितों और दबाव में आकर संगठन की छवि धूमिल की जा रही है। एक स्थानीय कार्यकर्ता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिस युवक पर पहले ही समाजिक रूप से संगीन आरोप लगे हैं, उसे पार्टी मंच पर ऊपर चढ़ाना कांग्रेस की मूल विचारधारा के खिलाफ है।

क्या यूथ कांग्रेस का चुनाव सिर्फ औपचारिकता बन कर रह गया है?
पूर्व मंत्री द्वारा ऐसे विवादास्पद विशाल को समर्थन देना किस बात की ओर इशारा करता है?
फर्जी वोटिंग के आरोप सच हैं, तो पार्टी क्या कार्रवाई करेगी?
क्या प्रदेश स्तर के कांग्रेस नेता इस मामले की गंभीरता को समझेंगे?
कांग्रेस द्वारा युवाओं को आगे लाने के उद्देश्य से किया गया प्रयास अगर इस तरह के अनुशासनहीनता और फर्जीवाड़े की भेंट चढ़ेगा, तो इसका असर निश्चित रूप से पार्टी की साख पर पड़ेगा। संगठन को चाहिए कि ऐसे मामलों में सख्त और पारदर्शी कदम उठाए जाएं ताकि युवाओं में विश्वास बना रहे और असली संघर्षशील कार्यकर्ता सामने आ सकें।
