Betul News:गरीब बच्चों के लिए वरदान बनी निशुल्क कोचिंग
30 साल से संचालित कोचिंग में सैकड़ों विद्यार्थियों को मिली सरकारी नौकरी
गरीब बच्चों के लिए वरदान बनी निशुल्क कोचिंग
30 साल से संचालित कोचिंग में सैकड़ों विद्यार्थियों को मिली सरकारी नौकरी

बैतूल। जिले में आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए सरकारी परीक्षाओं की तैयारी कर पाना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। महंगी कोचिंग और रहने की समस्या के कारण कई योग्य छात्र-छात्राएं अपनी तैयारी अधूरी छोड़ देते हैं। ऐसे बच्चों के लिए राजेश सरियाम द्वारा निशुल्क कोचिंग चलाई जा रही है, जिसमें महिला पर्यवेक्षक परीक्षा की विशेष तैयारी कराई जाती है। यह कोचिंग पिछले 30 वर्षों से लगातार संचालित हो रही है और अब तक सैकड़ों विद्यार्थी सरकारी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर चुके हैं। खास बात यह है कि संस्थान की ओर से लिखित नोट्स और ऑडियो नोट्स पूर्णतः निशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे दूर-दराज के छात्र भी आसानी से परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं। महिला पर्यवेक्षक परीक्षा के सिलेबस के आधार पर विभिन्न कोचिंग संस्थानों से महत्वपूर्ण नोट्स एकत्रित किए गए हैं और गूगल व यूट्यूब के माध्यम से महत्वपूर्ण प्रश्नों का संकलन कर विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। बैतूल के साथ-साथ प्रदेश के अन्य जिलों के बच्चे भी इस ऑनलाइन कोचिंग का लाभ उठा रहे हैं।जो छात्र-छात्राएं महिला पर्यवेक्षक परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं, वे इस निशुल्क कोचिंग में शामिल हो सकते हैं। वहीं, जो छात्र-छात्राएं बैतूल में नहीं रह सकते, उनके लिए ऑडियो नोट्स और ऑनलाइन कक्षाओं की भी सुविधा दी गई है। सोशल मीडिया के माध्यम से इस कोचिंग को अधिक से अधिक छात्रों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि कोई भी आर्थिक तंगी के कारण अपने सपनों से समझौता न करे। राजेश सरियाम ने अपील की है कि जो भी छात्र-छात्राएं इस निशुल्क कोचिंग का लाभ उठाना चाहते हैं, वे अपने नाम और पते के साथ व्हाट्सएप नंबर 9300585323 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके बाद उन्हें ग्रुप से जोड़कर ऑनलाइन कोचिंग व निशुल्क नोट्स की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
