Betul News:चार दिन में अफसरशाही के तेवर, शहर में चर्चाओं का दौर अपने कद और पद अनुरूप काम कर रहे साहब!
चार दिन में ही दिखने लगा नया रुतबा, पुराने ढर्रे पर नए अफसर
चार दिन में अफसरशाही के तेवर, शहर में चर्चाओं का दौर अपने कद और पद अनुरूप काम कर रहे साहब!
चार दिन में ही दिखने लगा नया रुतबा, पुराने ढर्रे पर नए अफसर

बैतूल। जिले में हाल ही में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की तैनाती हुई है और महज चार दिनों के भीतर ही शहर की गलियों से लेकर चाय की दुकानों तक साहब के कामकाज की शैली चर्चा का विषय बन गई है। लोग कह रहे हैं – “साहब तो अब भी टीआई जैसे ही बर्ताव कर रहे हैं, रुतबा भले बड़ा हो गया हो, लेकिन तरीका नहीं बदला। लोगो का कहना है कि जिस पद पर साहब पदस्थ हैं, उसका आचरण कहीं अधिक मर्यादित और रणनीतिक होता है। लेकिन यहां तो साहब खुद सीधे तौर पर मैदान में उतरकर कार्रवाइयां कर रहे हैं, वो भी ऐसे मामलों में जहां आमतौर पर जिम्मेदारी स्थानीय थाना प्रभारी की होती है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, साहब ने शहर के सट्टा कारोबारियों पर सीधी कार्रवाई शुरू कर दी है। हालांकि इसे कानून व्यवस्था की सख्ती बताया जा रहा है, लेकिन लोग इसे अलग नजरिए से भी देख रहे हैं। बताया जा रहा है कि एक ‘पिंटू’ नामक सट्टा संचालक को साहब ने व्यक्तिगत रूप से तलब किया और कथित रूप से कहा जो पहले आता था, उससे ज़्यादा चाहिए और वो भी सीधे मेरे पास। हालांकि इसकी पुष्टि अनोखा सच नहीं करता किंतु जिस तरह चौक चौराहा पर चर्चा चल रही है उसको भी नजर अंदाज नहीं किया जा सकता क्यों कि यह बात शहर में आग की तरह फैल चुकी है। शहर भर में यह जुमला तेजी से फैल रहा है कि “साहब तो टीआई के पेट पर लात मार रहे हैं। लोग तो यह तक कहते फिर रहे है कि साहब ने स्थानीय थाना प्रभारी की भूमिका और कार्यक्षेत्र को दरकिनार कर, सभी अहम निर्णयों और सेटिंग्स को खुद अपने हाथ में ले लिया है।चाय की गुमटियों, पान ठेले वालों के बीच यह चर्चा आम हो गई है कि टीआई की कोई पूछपरख ही नहीं बची है, सब कुछ सीधे ऊपर से संचालित हो रहा है।
