Bhopal News: अब मध्य प्रदेश में बाली रूपी विधायक गण मकान और वाहन ऋण पर 4 प्रतिशत ब्याज अदा करेंगे और उनको बलशाली शक्तिशाली बनाने वाले हम मतदाता 10 प्रतिशत से ब्याज चुकाकर बैंकों का ऋण अदा करेंगे_लोकतंत्र जिंदाबाद*
एक विचार प्रति सोमवार एक श्रृंखला
अब मध्य प्रदेश में बाली रूपी विधायक गण मकान और वाहन ऋण पर 4 प्रतिशत ब्याज अदा करेंगे और उनको बलशाली शक्तिशाली बनाने वाले हम मतदाता 10 प्रतिशत से ब्याज चुकाकर बैंकों का ऋण अदा करेंगे_लोकतंत्र जिंदाबाद

यह विषय मेरे जीवन के मिशन से बिल्कुल जुड़ा हुआ नहीं है , किन्तु जीवन यापन से जुड़ा मेरा ही नहीं सभी का विषय है , खासकर मध्यमवर्गीय परिवारों का प्रमुखता से जुड़ा विषय है , मुद्दा है। कैंसर रूपी प्रस्ताव है , जिसका मतदाता को विरोध करते आना चाहिए इसलिए यह मेरे कैंसर मिशन से जुड़ा मुद्दा और विषय है।इसलिए विषय से बाहर बात नहीं कर रहा हूं न ही मैं ज्ञान पांडे बनने की कोशिश कर रहा हूं आपको केवल सच बता रहा हूं जिसका साहस आप लोगों के स्नेह और प्यार ने समय रहते दे दिया है। मरना तो सभी को एक दिन है, क्यों न सच बोलकर संसार को अलविदा कह बिना फूल माला के मर सकूं।
विषय है _विधायकों को 15 से 25 लाख तक के मकान और वाहन ऋण पर केवल 4 प्रतिशत ही ब्याज चुकाना होगा बाकी ब्याज सरकारी खजाने से चुकाया जाएगा, इस तरह का प्रस्ताव विचाराधीन है, जिसके मंजूर होने की शत प्रतिशत मोदी जी की गारंटी है, कोई वजह नहीं कि प्रस्ताव मंजूर न हो।पौराणिक कथाओं में आपने बाली की कथा तो सुनी ही होगी कि बाली के सामने जो भी खड़ा होता था वाली उसका आधा बल बाली खींच लेता था और सामने वाले को बलविहीन कर देता था। भारत के लोकतंत्र में बाली की यह कथा चरितार्थ होते दिखती हैं , चुनाव जीतने के बाद मतदाता के बल को बाली रूपी विधायक सांसद खींचकर और अधिक बलशाली हो उठते है? अब यदि मैं मकान बनाने का सपना पूरा करने के लिए 15 लाख का ऋण लेता हूं तो मैं मतदाता होने के नाते 10 प्रतिशत ब्याज चुकाने का भागीदार होता हूं , वही मेरी वोट से मेरा आधा बल छीनकर बाली रूपी विधायक गण केवल 4 प्रतिशत ब्याज की दर से ऋण अदा करकर मतदाता के प्रति अपने सबसे लोकप्रिय नारे सबका साथ सबका विकास को सच करेंगे। यह कौन सा न्याय है?, यह कैसा लोकतंत्र है , जिसमें वोट देने वाला ज्यादा ब्याज चुकाएगा और वोट पाकर जीतने वाले बाली रूपी विधायक गण आधे से कम ब्याज दर से ऋण की अदायगी करेंगे?कोई मतदाता यह पूछने के लिए तैयार नहीं कि हमारे साथ यह अन्याय क्यों है? वह सिर्फ इसलिए कि वह बाली का गुलाम बन जाता है , सिर्फ इसलिए कि कहीं बाली रूपी विधायक महोदय को बुरा न लग जाएं। मतदाता व्यक्तिगत फायदे उठाने के लिए वह बाली की परिक्रमा लगाना सीख गया है? और बाली तो बाली है बलशाली है वह चाहे जो कर सकता है।अब बाली की शक्ति का अंत कैसे हो तो प्रभु राम ने ताड़ के पेड़ो के पीछे से बाण चलाते हुए बाली की शक्ति को हमेशा हमेशा के लिए शक्तिविहीन कर दिया। लोकतंत्र में विजय होकर बने बाली की शक्ति को शक्तिविहीन करने का एक बाण चुनाव आयोग और उच्चतम न्यायालय ने भारतीय मतदाता को दिया है और उस बाण का नाम है नोटा जिसमें चुनाव में खड़े हुए समस्त बालियों को नोटा की बटन दबाकर बिना सामने आए शक्तिविहीन किया जा सकता हैं , जिस दिन बाली रूपी राजनैतिक दलों के प्रत्याशियों से नोटा को वोट ज्यादा मिलना शुरू हो जायेंगे , उसी दिन से चुनाव आयोग को चुनाव सुधार करने के लिए और बाली को शक्तिविहीन करने के उपायों पर सोचने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।मतदाता को नोटा रूपी बाण का अनुसंधान करना सीखना होगा, अन्यथा पौराणिक काल में तो एक ही बाली था, यहां तो 240 बाली एक ही भवन में बैठे हुए है, आप मतदाता में राम जैसी मर्यादा ,नैतिकता, ईमानदारी नहीं बची है कि आप बाली रूपी जन प्रतिनिधियों के समक्ष खड़े होने का साहस भी कर सके।शुक्र है वे अभी ब्याज की दर को केवल 4 प्रतिशत ही करने पर विचार कर रहे है , यदि मतदाता रूपी राम नहीं जागा तो वे शून्य ब्याज पर ऋण लेने के हकदार बनने में भी कोई संकोच पल मात्र भी नहीं करने वाले है?यहां एक और बात समझने की है कोई भी बाली रूपी विधायक 15 लाख 25 लाख जैसा टुच्चा ऋण नहीं लेता भी कहा है? क्योंकि वह कभी मकान नहीं बनाता , वह केवल शीश महल बनाता है जिसमें 15 से 25 लाख में तो केवल शौचालय ही बन पाता है , महल कैसे बनेगा? लगता है मुझसे प्रस्ताव पढ़ने और समझने में भूल हो गई है स्वच्छ भारत मिशन के तहत लगता है उन्हें 15 से 25 लाख मकान बनाने के लिए आलीशान शौचालय बनाने के लिए दिए जा रहे हो ताकि स्वस्थ वातावरण में चार प्रतिशत के साथ स्वच्छ भारत मिशन का सपना पूरा किया जा सके। कितना अच्छा हो कि हमारे सारे विधायक गण विधानसभा में खड़े होकर 4 प्रतिशत ब्याज दर के इस प्रस्ताव का विरोध करते और कहते ठीक है मंजूर है लेकिन एक शर्त पर हमारे प्रदेश में जिसकी किसी नागरिक का मकान वाहन ऋण 15 लाख तक है उसका भी ब्याज 4 प्रतिशत ब्याज सरकार । भरेगी और यह साबित कर दे कि वे सच्चे राम भक्त हनुमान है , न कि मतदाता को शक्ति विहीन करने वाले बाली रूपी विधायक गण। वास्तव में सबका साथ सबका विकास केवल नारे में नहीं , धरातल पर हकीकत में उतारते भी हैं।
विशेष _यह एक विचार है , व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं है, सार्वजनिक सभी पर एक सा किया गया उस मतदाता का कटाक्ष है जो मकान का ऋण अदा कर रहा है सत्य है , दर्द है लोकतंत्र में मतदाता को अपने विचारों को रखने की पूर्ण स्वतंत्रता हासिल है।सभी के कदमों मे नमन है।
हेमंत चंद्र दुबे बबलू
